24 News Update उदयपुर। कोरोनाकाल के दौरान कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन से जुड़े धारा-144 उल्लंघन मामले में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी शुक्रवार को उदयपुर न्यायालय में पेश हुए। पेशी के दौरान भाटी ने अपने पुराने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि “यूनिवर्सिटी के दौर में छात्र हितों के लिए जो संघर्ष किया, उसके घाव आज भी बने हुए हैं।” कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई पर निर्णय सुरक्षित रखा है।
मामला 16 अगस्त 2021 का है, जब कोरोना प्रतिबंधों के बीच फीस वृद्धि के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए थे। उदयपुर कलेक्ट्रेट पर भी छात्रों और समर्थकों ने धरना दिया था, जिसमें भाटी भी शामिल रहे। इसी दौरान प्रशासन ने धारा-144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। अब करीब तीन साल बाद यह मामला न्यायालय में सुनवाई के अंतिम चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है।
कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए भाटी ने इस प्रकरण को “राजनीतिक द्वेष” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि उस समय छात्र हितों की आवाज उठाना जरूरी था, भले ही परिस्थितियां कठिन थीं। “फीस के मुद्दे पर पूरे प्रदेश में आवाज उठी थी, और उदयपुर भी उससे अछूता नहीं था,” उन्होंने जोड़ा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वे कानून की प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि लव वार एंड पोलिटिक्स में सब कुछ जायज है। पेशी के दौरान वकीलों ने लंबे समय से लंबित उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग का मुद्दा भी उठाया। इस पर भाटी ने समर्थन जताते हुए कहा कि वे इस मांग को राज्य और केंद्र स्तर पर मजबूती से उठाएंगे। साथ ही विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ समिति में अपनी नई जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनहित के सवालों के जवाब समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिलना सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
धारा-144 उल्लंघन केस में रविन्द्र भाटी की पेशी, बोले—लव एंड वार में सब जायज!!

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