24 News update नई दिल्ली। राजस्थान के वरिष्ठ सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने गुरुवार को राज्यसभा में मेवाड़ क्षेत्र के रेल नेटवर्क विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने बड़ी सादड़ी से मावली तक आ रही ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का सर्वे कर इसे देबारी रेलवे स्टेशन तक विस्तारित किए जाने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखी।
🔹 मेवाड़ पर्यटन पर पड़ रहा बड़ा प्रभाव
सांसद गरासिया ने कहा कि मेवाड़ क्षेत्र—जिसमें चित्तौड़गढ़, उदयपुर, नाथद्वारा और रणकपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं—हर वर्ष हजारों पर्यटकों का स्वागत करता है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उदयपुर क्षेत्र में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
🔹 यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि
सांसद ने बताया कि पिछले वर्ष बड़ी सादड़ी–मावली–उदयपुर रेलमार्ग पर सभी स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि यह ब्रॉडगेज लाइन आम लोगों के लिए सस्ता, सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भविष्य में यह लाइन मध्यप्रदेश के नीमच से भी जुड़ेगी, जिससे यातायात और बढ़ेगा।
🔹 वर्तमान रूट में तकनीकी परेशानियाँ
सांसद ने बताया कि बड़ी सादड़ी से उदयपुर तक रेल यात्रा करीब 124 किलोमीटर की है।
मावली जंक्शन पर पावर चेंज में अतिरिक्त समय लगता है।
भविष्य में नीमच से आने वाली ट्रेनों को मावली–खेमली–भीमल–देबारी होकर ही उदयपुर पहुंचना होगा, जिससे यात्रा समय और बढ़ेगा।
🔹 देबारी तक नई लाइन बिछाने का सुझाव
समस्या के स्थायी समाधान हेतु सांसद गरासिया ने सरकार से आग्रह किया कि—
“बड़ी सादड़ी–मावली ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के बीच, भविष्य की रेल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भटेवर–खेरोदा ओवरब्रिज से दरोली–डबोक होकर देबारी स्टेशन तक नई ब्रॉडगेज लाइन बिछाने हेतु सर्वे कराया जाए।”
उन्होंने कहा कि नई लाइन बनने से—
नीमच और चित्तौड़गढ़ से आने वाली ट्रेनों का सफर कम होगा
उदयपुर की ओर यात्रा समय घटेगा
पर्यटकों व स्थानीय यात्रियों को अत्यधिक सुविधा मिलेगी
🔹 क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग
सांसद ने कहा कि देबारी मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से उठ रही है।
उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की, ताकि मेवाड़ क्षेत्र का रेल नेटवर्क और मजबूत हो सके।

