24 News Update उदयपुर, 1 मई। राजस्थान साहित्य अकादमी ने वर्ष 2025-26 के तहत पांडुलिपि प्रकाशन, पुस्तक सहयोग, साहित्यकार आर्थिक सहायता एवं साहित्यिक पत्र-पत्रिका योजनाओं में कुल 16.24 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की है। अकादमी सचिव डॉ. बसंत सिंह सोलंकी ने बताया कि कुल 112 पांडुलिपियों को 11.95 लाख रुपए, 21 पुस्तकों को 1.74 लाख रुपए, 9 पत्र-पत्रिकाओं को 1.25 लाख रुपए तथा 5 साहित्यकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
उदयपुर जिले के साहित्यकार
गिरजाशंकर त्रिवेदी (बातों ही बातों में), डॉ. प्रहलाद राय (प्रकृति के प्रतिबिम्ब), डॉ. मनीष सक्सेना (मौन प्रस्थान), डॉ. राधिका लढ़ा (मन वृन्दावन), डॉ. मीना बया (सराबोर), डॉ. शंकरलाल शर्मा (काव्य गंगोत्री), विनोद कुमार उपाध्याय (संवेदनाओं की खनक), सुनील दीक्षित (दिल की गली से), डॉ. कामिनी व्यास रावल (कामिनी की रागनी), मीनाक्षी नागदा (इस जीत को अनाम रहने दो), भविष्य दत्त ‘भविष्य’ (पानी लिखता रहा आग की कहानी), प्रो. निर्मल गर्ग (अस्तित्व-स्पन्दन), खुशीद शेख ‘खुर्शीद’ (साथ मेरे रहीं मेरी तन्हाइयाँ), डॉ. पीयूष गर्ग (एक कविता सुनोगे), यानु चौबीसा (आओ स्त्री बोलो), डॉ. सुबोध पालीवाल (कुछ मेरी भी…), कुसुम भारद्वाज (पत्रांजन), सुभाष शर्मा (परिंदों के डोरे), डॉ. नम्रता जैन (काव्य सरिता) सहित अन्य रचनाकार शामिल हैं।
कोटा जिले के साहित्यकार
संजू श्रृंगी (उम्मीद अभी जिंदा है), हेमराज सिंह हेम (सौभद्र), रामगोपाल गौतम (अलसाया तन-मन), शैलजा विजयवर्गीय (अन्तर्मन की गठरी), नन्हे मुन्ने चमन के फूल (रामकरण प्रभाती), गोपाल नामेन्द्र (आठ अरब प्रेम-पत्र), सुरेश कुमार गौतम (मेरा प्यारा गांव), रूपनारायण शर्मा (रूपोदय), अंजना मनोज गर्ग (गुल्लक और उसकी रजाई), रीता गुप्ता रश्मि (जिंदगी की धूप छांव), प्रस्तुति महावर (आओ सुनें कहानी) सहित कई साहित्यकारों को सहयोग मिला है।
जयपुर जिले के साहित्यकार
रामलाल चौधरी (सेतु-बंध), कुंदन सिंह कंचन (तेरे शहर में…), शिखा मनमोहन शर्मा (दमयंती), शक्ति पाठक (का से कहूं), अशोक मुखर्जी (वो कागज की कश्ती), डॉ. बजरंग सोनी (कितने मन-कितने दरवाजे), अवधेश शर्मा (मंदोदरी), दयाराम वर्मा (ब्रह्मपुत्र से सांगपो), सुभाष चंद्र शर्मा (गीत मेरे मीत मेरे) सहित कई नाम शामिल हैं।
बीकानेर जिले के साहित्यकार
श्यामलाल निर्मोही चांगरा (ये सफर कहां रखूं), आनंद कुमार पुरोहित (यदि संभव हो), कासिम अली कासिम कावेरी (मैं हूं कोरोना इक्कीसवीं सदी का), ज्योति वधवा (ख्वाबों की दुनिया), कमल रंगा (रिटायर्ड सुदामा), पूर्णिमा मित्रा एवं गोविंद जोशी को आर्थिक सहयोग स्वीकृत हुआ है।
जोधपुर जिले के साहित्यकार
अशीष कुमार मीणा (रंग बदलते चेहरे), डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’ (बहते बहते दरिया बोला), पूजा अग्रवाल (सोचा ना था), डॉ. छगनराज राव ‘दीप’ (यादों के सफर में था तू), भंवरलाल डांगी (कमल की कस्तूरी), संतोष ताकर (अन्त्येक्ष), मंजु शर्मा जांगिड़ (देहरी पार) सहित अन्य साहित्यकारों को सहयोग प्रदान किया गया।
अजमेर जिले के साहित्यकार
प्रेरणा सारवान (सितारे मीर के रंग के), वीणा मावर (भाव सुमन कृष्णार्पण), लता शर्मा (नव रस गगरी छलकी जाएं), अनीता शर्मा (सहज बाल पहेली कोश), अरुण कुमार सक्सेना (जीवन का लट्टू), डॉ. सुनीता अवस्थी (सिनेमा, सबाल्टर्न और साहित्य) आदि शामिल हैं।
अन्य जिलों के प्रमुख साहित्यकार
बांसवाड़ा: मृदुल पुरोहित, अमित शाह
डूंगरपुर: देवीलाल जोशी, हर्षिल पाटीदार, मेघा शर्मा
भरतपुर: डॉ. सुरेश चतुर्वेदी, हरिओम शर्मा, चतुर सिंह कृष्णा
बारां: सोनू सुरीला, नाथूलाल निर्भय, ओमप्रकाश साहू
झालावाड़: सुरेशचंद्र निगम, डॉ. प्रीति शर्मा
हनुमानगढ़: मनोज कुमार, शिवराज भारतीय, पवन सिहाग ‘अनाम’
जालोर: डॉ. नवीन दवे मानावत, गोविंद सिंह राव
चित्तौड़गढ़: नंदकिशोर ‘निर्झर’
धौलपुर: दीक्षा त्यागी
टोंक: योग्यता इसरानी
करौली: अनुराग सिहरा
अलवर: प्रेम प्रकाश शर्मा
दौसा: डॉ. रमेशचंद्र मीणा, अनुराग प्रेमी
सवाईमाधोपुर: नईम खान पठान ‘हारिस’
सलूम्बर: सुनील कुमार चाष्टा
मकराना: अब्दुल वहीद खिलजी ‘वाहिद’

