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RDX धमकी से दहला राजस्थान हाईकोर्ट: 2 घंटे रुके न्यायिक काम, पुलिस ने दर्ज की FIR

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24 News Update जयपुर. जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट सोमवार को एक सनसनीखेज धमकी भरे ईमेल के बाद पूरी तरह हिल गया। हाईकोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर आए इस मेल में दावा किया गया कि “अगले दो घंटे में हाईकोर्ट परिसर में 6 RDX ब्लास्ट होंगे।” धमकी के अंत में लिखा था—
“जब जयपुर रोता है, तभी आरणा मुस्कुरा सकती है।”

ईमेल सामने आते ही जयपुर बेंच में अफरातफरी मच गई। न्यायिक कार्यवाही रोक दी गई और पूरा परिसर खाली कराया गया। करीब दो घंटे तक हाईकोर्ट में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने जगह-जगह तलाशी ली।

न्यायाधीश की शिकायत पर FIR: ईमेल में उग्र और संदिग्ध संदर्भों की भरमार

अशोक नगर थाना पुलिस के अनुसार, यह रिपोर्ट न्यायाधिकारी नवल किशोर मित्तल ने दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि
8 दिसंबर को सुबह 11:23 बजे हाईकोर्ट की आधिकारिक मेल आईडी पर धमकी मिली।

धमकी भरे ईमेल में कई चौंकाने वाले संदर्भ थे—

“लाल किले का बदला”

“6 RDX IEDs ब्लास्ट होंगे”

“पाकिस्तान की ISI का एजेंट मुस्तफा अली सैयद”

“तमिलनाडु पुलिस के IPS अधिकारी A. Arun को ही असली पहचान पता है”

चेन्नई की CPI(M) शाखा

तिरुपुरनकुंड्रम दरगाह

आरणा अश्विन शेखर मामला

संदिग्ध ईमेल में एक मांग भी रखी गई थी—
“29, 5th Trust Cross Street, Mylapore का नाम बदलकर Periyar-Ambedkar Street रखो।”

इन तमाम संदर्भों ने पुलिस के संदेह को और गहरा दिया कि धमकी देने वाला व्यक्ति या तो किसी बड़ी ideological setup से जुड़ा हो सकता है या किसी मानसिक उन्माद से गुजर रहा है।

हाईकोर्ट परिसर को खाली करवाया गया, न्यायिक कार्य बाधित

धमकी के तुरंत बाद हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा एजेंसियाँ सक्रिय हो गईं। चल रही सुनवाई, कार्यालयीन कार्य और कोर्ट की सभी गतिविधियाँ तत्काल रोक दी गईं।

वकीलों, न्यायाधीशों और कर्मचारियों को बाहर भेजा गया

कड़ी सुरक्षा में प्रवेश बंद किया गया

जगह-जगह स्निफर डॉग और बम डिटेक्शन उपकरण लगाए गए

करीब दो घंटे बाद पुलिस ने पुष्टि की कि परिसर में कोई खतरनाक वस्तु नहीं मिली। हालाँकि, इस पूरी अवधि में न्यायिक कामकाज बाधित रहा और वातावरण में डर और तनाव बना रहा।

पुलिस की जांच: ईमेल भेजने वाला कौन? तकनीकी जांच तेज

अशोक नगर थाना पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है और
साइबर विशेषज्ञ ईमेल की IP लोकेशन, सर्वर रूटिंग और डिवाइस फुटप्रिंट तलाश रहे हैं।

पुलिस यह भी खंगाल रही है—

क्या यह धमकी किसी संगठित गैंग का हिस्सा है?

या किसी व्यक्तिगत उन्माद का नतीजा?

राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संभावना?

तमिलनाडु—जयपुर—चेन्नई कनेक्शन क्यों जोड़े गए?

जांच अधिकारी इस मामले को उच्च संवेदनशीलता के साथ देख रहे हैं।

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