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पालिका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के निलंबन का विरोध तेज़: सागवाड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन, कहा – “लोकतंत्र का अपमान”

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24 News update डूंगरपुर, सागवाड़ा | सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निलंबन के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को ज़ोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने निलंबन को “राजनीतिक साजिश” करार देते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व एआईसीसी सदस्य दिनेश खोडनिया और जिला कांग्रेस अध्यक्ष वल्लभराम पाटीदार ने किया। कार्यकर्ता सबसे पहले कांग्रेस कार्यालय सागवाड़ा में एकत्र हुए, जहां नेताओं ने संबोधन दिया। इसके बाद सभी ने एक रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय तक मार्च किया और जमकर नारेबाज़ी की।
निलंबन पर सवाल, कार्रवाई को बताया राजनीति से प्रेरित
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बिना किसी ठोस आधार और बिना दोष सिद्ध हुए निलंबित कर दिया गया, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के निर्णय का अपमान है। नेताओं ने दावा किया कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार द्वारा दलबदलू नेताओं और भूमाफियाओं के दबाव में की गई है, जिसका मकसद जनप्रतिनिधियों को कमजोर करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप करना है। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने एसडीएम को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की तत्काल बहाली की मांग की गई। ज्ञापन में लिखा गया कि जब तक किसी भी जनप्रतिनिधि पर कोई सिद्ध आरोप नहीं है, तब तक उन्हें निलंबित करना न्यायसंगत नहीं है।
“लोकतंत्र की हत्या नहीं सहेंगे” – कांग्रेस
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया और जनप्रतिनिधियों को बहाल नहीं किया गया, तो कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि “जनता द्वारा चुने गए नेताओं को बिना सुनवाई हटाना सीधे-सीधे लोकतंत्र की हत्या है, जिसे किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा।”

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