लंदन। ब्रिटेन के शाही परिवार में इतिहास में पहली बार किसी सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। किंग चार्ल्स के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू को गुरुवार सुबह करीब 8 बजे उनके सैंड्रिंघम निवास से पुलिस ने हिरासत में लिया। गिरफ्तारी उनके सार्वजनिक पद पर रहते हुए कथित कदाचार के शक में की गई। बताया जा रहा है कि आज ही उनका जन्मदिन भी है।अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मामले से जुड़ी पीड़िता वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह केवल 17 वर्ष की थी, तब प्रिंस एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया। हालांकि एंड्रयू ने सभी आरोपों को खारिज किया था। गिफ्रे की अप्रैल 2025 में मौत हो गई, जिसे आत्महत्या बताया गया। गिरफ्तारी का तरीकापुलिस ने एंड्रयू को सादे कपड़ों में उनके घर से हिरासत में लिया। इंग्लैंड में सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार गंभीर अपराध माना जाता है। इस अपराध में यह साबित करना आवश्यक है कि आरोपी को पता था कि वह गलत कर रहा है, फिर भी उसने ऐसा किया। अधिकतम सजा उम्रकैद हो सकती है। किंग चार्ल्स ने पिछले साल अक्टूबर में एंड्रयू से उनके शाही खिताब और उपाधियां वापस ले ली थीं। उन्हें विंडसर स्थित ‘रॉयल लॉज’ खाली करने का आदेश दिया गया। अब उन्हें ‘एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर’ के नाम से जाना जाता है। वर्जीनिया गिफ्रे और एपस्टीन नेटवर्कवर्जीनिया ने 2011 में अमेरिका के हाई प्रोफाइल वेश्यावृत्ति नेटवर्क का खुलासा किया और बताया कि वह 15 वर्ष की उम्र से एपस्टीन के नेटवर्क में फंसी थी। उसने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न का अनुभव साझा किया और ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू के साथ अपनी मुलाकातों का भी जिक्र किया। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी तस्वीरों में एंड्रयू को वर्जीनिया गिफ्रे और अन्य महिलाओं के साथ खड़े और झुके हुए दिखाया गया है। इन तस्वीरों ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कम्बोडिया से चल रहा था ‘डिजिटल अरेस्ट का साम्राज्य’, राजस्थान के कोटपूतली- बहरोड़ से टूटा चीनी साइबर ठगी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क ट्रम्प के टैरिफ पर सुप्रीम चोट: अदालत ने बताया अवैध, राष्ट्रपति की शक्तियों पर खींची लक्ष्मण रेखा