सीडीएफटी के दो दिवसीय सेमिनार में 200 विद्यार्थी और 250 पूर्व विद्यार्थी शामिल; ‘ड्रीम बॉक्स 2.0’ में विशेषज्ञों ने साझा किए उद्यमिता के अनुभव, विनय दीक्षित बने एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष उदयपुर, 25 अक्टूबर। खाद्य एवं डेयरी उद्योग का भविष्य केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बदलती तकनीक, नए उत्पादों की मांग, गुणवत्ता, अनुसंधान और सतत विकास के साथ ऐसे युवाओं की जरूरत बढ़ रही है, जो नए विचारों को व्यावसायिक अवसरों में बदल सकें। इसी दिशा में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी (सीडीएफटी) में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। आयोजन में विद्यार्थियों को विशेषज्ञों और उद्यमियों से जोड़ने के लिए ‘ड्रीम बॉक्स 2.0’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। सेमिनार के समापन के बाद सीडीएफटी एलुमनी एसोसिएशन के चुनाव हुए, जिसमें विनय दीक्षित अध्यक्ष निर्वाचित हुए। सीडीएफटी और सीडीएफटी एलुमनी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार का विषय ‘नवाचार, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप एवं सतत विकास—खाद्य एवं डेयरी उद्योग का अगला दशक’ रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को खाद्य एवं डेयरी क्षेत्र में उभरती तकनीकों, अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद नवाचार, स्वरोजगार और करियर की संभावनाओं से परिचित कराना था। आयोजन में लगभग 200 विद्यार्थियों और 250 पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया। शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों और पूर्व विद्यार्थियों की भागीदारी ने संस्थान तथा उद्योग जगत के बीच संवाद के लिए साझा मंच उपलब्ध कराया। तकनीक से उत्पाद विकास तक, उद्योग की जरूरतों पर चर्चा सेमिनार के तकनीकी सत्रों में अनिल बयाटी, मनोज पारीक, धीरज चौधरी, अनिल अग्रवाल, ए.के. त्रिपाठी, एस.पी. सिंह, सुनीत व्यास और नरोत्तम लाल धूपिया ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की। वक्ताओं ने उद्यमिता विकास, अनुसंधान एवं विकास, उत्पादों में नवाचार, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल, गुणवत्ता सुधार तथा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नए उत्पाद तैयार करने जैसे विषयों पर विचार रखे। चर्चा का प्रमुख पहलू यह रहा कि खाद्य एवं डेयरी उद्योग में अनुसंधान आधारित उत्पाद विकास नए व्यवसायों और रोजगार के अवसरों का आधार बन सकता है। इसके लिए केवल तकनीकी जानकारी पर्याप्त नहीं, बल्कि बाजार की मांग समझना, उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखना और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजना भी जरूरी है। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने और अपने विचारों को व्यावसायिक स्वरूप देने के लिए प्रेरित किया। ‘ड्रीम बॉक्स 2.0’ में विद्यार्थियों को मिला सीधा मार्गदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘ड्रीम बॉक्स 2.0’ रहा। इसे विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन देने, उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित करने और उनके विचारों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने की संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में Ecoil के संस्थापक एवं सीईओ सुशील वैष्णव, Engineer Brothers के संदीप कुमार, पवन जैन, डॉ. महेंद्र कुमार, लव चौहान और कुमार शानू ने विद्यार्थियों से संवाद किया। मेंटर्स ने व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, नए विचारों की पहचान, कारोबार के विकास, उद्यम संचालन और शुरुआती चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। संवादात्मक सत्रों में विद्यार्थियों को अपने नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत करने और विशेषज्ञों से सुझाव लेने का अवसर मिला। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी की संभावनाओं तक सीमित रखने के बजाय स्वरोजगार और उद्यमिता के विकल्पों से भी परिचित कराना रहा। अपने कौशल, रुचि और रचनात्मक सोच के आधार पर अवसर तलाशने पर विशेष जोर दिया गया। पूर्व विद्यार्थियों के अनुभव भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। उद्योग से जुड़े अनुभवों के माध्यम से वर्तमान विद्यार्थियों को कार्यक्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों, कारोबार की चुनौतियों और नए अवसरों को समझने में मदद मिली। कार्यक्रम ने करियर मार्गदर्शन के साथ समस्या समाधान, आत्मविश्वास और उद्यमशील सोच विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित किया। पूर्व विद्यार्थियों और संस्थान के बीच मजबूत जुड़ाव पर जोर सीडीएफटी एलुमनी एसोसिएशन के महासचिव निर्भय गोयल ने कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी तथा उनके बीच संवाद के महत्व को रेखांकित किया। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. कमलेश मीणा ने कहा कि इस तरह के आयोजन वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों के बीच संबंध मजबूत करने के साथ शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाने में मददगार होते हैं। ‘ड्रीम बॉक्स 2.0’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुभवी पूर्व विद्यार्थियों, विशेषज्ञों और उद्यमियों से सीधे जुड़ने तथा अपने करियर और व्यावसायिक विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में अनुसंधान आधारित नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति, कौशल विकास और स्वरोजगार की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। लगभग 450 विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता ने ज्ञान साझा करने, आपसी संपर्क विकसित करने और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने का मंच प्रदान किया। विनय दीक्षित ने सहयोगियों का जताया आभार समापन अवसर पर सीडीएफटी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय दीक्षित ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी प्रायोजकों, वक्ताओं, प्रतिनिधियों, महाविद्यालय प्रशासन, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सामूहिक प्रयासों और सक्रिय सहभागिता को आयोजन की सफलता का आधार बताया। उन्होंने पूर्व और वर्तमान विद्यार्थियों के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा भविष्य में शैक्षणिक, व्यावसायिक और उद्यमिता संबंधी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम का मूल संदेश ‘Reconnect, Rejuvenate and Reimagine’ रहा। इसका आशय पूर्व विद्यार्थियों से फिर जुड़ने, संबंधों को नई ऊर्जा देने और भविष्य के लिए नए विचारों तथा संभावनाओं को विकसित करने से है। सीडीएफटी एलुमनी एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी निर्वाचित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के समापन के बाद कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी, उदयपुर की एलुमनी एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए। चुनाव में विभिन्न पदों पर नई कार्यकारिणी का निर्वाचन किया गया। विनय दीक्षित अध्यक्ष निर्वाचित हुए। नरेंद्र सिंह बुरड़क और डॉ. कमलेश कुमार मीणा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। निर्भय गोयल महासचिव, सुमित व्यास कोषाध्यक्ष और विकेश जैन संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सीमा शेखावत तंवर, सलोनी शर्मा और रमेश कुमार लागुरिया चुने गए। नई कार्यकारिणी से एसोसिएशन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के साथ पूर्व विद्यार्थियों के बीच संपर्क तथा समन्वय मजबूत करने की अपेक्षा है। इसके अलावा वर्तमान विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन देने, उन्हें उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने और कॉलेज के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में सहयोग करने पर जोर रहेगा। एलुमनी एसोसिएशन के माध्यम से पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों, अनुभवों और विशेषज्ञता को वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों, रोजगार की संभावनाओं और उद्यमिता की व्यावहारिक चुनौतियों को समझने में सहायता मिल सकती है। पूर्व विद्यार्थियों और संस्थान के बीच मजबूत संबंधों के जरिए कॉलेज की शैक्षणिक परंपरा और उद्योग जगत से जुड़ाव को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रहेगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. 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