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स्मार्ट मीटर के बहाने बिजली विभाग को ‘अडानी विभाग’ बनाने की तैयारी – माले, माकपा का आरोप

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24 News Update उदयपुर। राजस्थान में बिजली उपभोग के स्मार्ट मीटर लगाने के बहाने बिजली विभाग को अडानी विभाग करने की तैयारी की जा रही है। यह विचार भाकपा (माले) के राज्य सचिव शंकर लाल चौधरी ने पटेल सर्कल, उदयपुर स्थित अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर स्मार्ट मीटर लगाने एवं बिजली के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में व्यक्त किए।
चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की हर संपदा संपत्ति को एक-एक करके अपने मित्र अडानी और अंबानी को बेच रहे हैं, जिससे जाहिर होता है कि उन्होंने अडानी अंबानी को देश की जनता को लूटने का लाइसेंस दे दिया है लेकिन देश की जनता इस लूट को बर्दाश्त नहीं करेगी।
सभा को माकपा जिला सचिव और पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने कहा कि अहमदाबाद में 27 अगस्त 2025 को अडानी का 1000 करोड़ का 11 वां जेट विमान उतरा है और स्मार्ट मीटर के बहाने उनके 12वें जेट विमान लाने की तैयारी की जा रही है! सिंघवी ने कहा कि बिजली अधिनियम, 2003 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि बिजली उपभोग का मीटर उपभोक्ता की सहमति से ही बदला जाएगा लेकिन इस कानून की अवहेलना कर गुंडागर्दी के दम पर स्मार्ट मीटर जबरदस्ती लाकर कानून के राज की जगह जंगलराज कायम किया जा रहा है! उन्होंने नारा दिया कि देश में “वोट चोर- गद्दी छोड़“ नारा चल रहा है, इसी तरह अब स्मार्ट मीटर के विरोध में “नोट चोर- गद्दी छोड़“ नारा फैलाया जाएगा !
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ लेखक और साहित्यकार डॉ.कुसुम मेघवाल ने कहा कि सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर के विरोध पर जनता को गुमराह करने के लिए यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर को विशेष परिस्थिति में ही लगाया जाएगा लेकिन हम जानते हैं कि सरकार की नीति तो क्या नियत ही खराब है , इसलिए जब तक स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा !
सभा में माकपा शहर सचिव हीरालाल सालवी ने कहा कि एक कहानी में राजा की जान जैसे तोते में बसती है, वैसे ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान अडानी अंबानी में बसती है, इसलिए जैसे ही अडानी अंबानी को नुकसान होता है,नरेंद्र मोदी वेंटिलेटर पर आ जाते हैं और वापस सांस लेने के लिए जनता को राहत देने का प्रयास करते हैं!
एक्ट के सचिव सौरभ नरुका ने कहा कि स्मार्ट मीटर लाने मे मात्र भाजपा ही दोषी नहीं है ,इसमें कांग्रेस पार्टी भी की पूर्व अशोक गहलोत की सरकार भी शामिल है जिन्होंने राजस्थान में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए अडानी की जीनस कंपनी को 10000 करोड रुपए में ठेका दिया था!
माकपा पार्षद राजेंद्र वसीटा ने कहा कि आज तक मीटर बदलने पर नया मीटर लगाने का कोई शुल्क उपभोक्ता से नहीं लिया जाता था लेकिन स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ता से 8 से 10000 रुपये वसूलना तय किया गया है! उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार देश की जनता को भीड़ बकरी समझती है जो गलतफहमी इस बार जनता दूर करेगी !
सभा में पूर्व पार्षद गणपति देवी सालवी ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार निजीकरण के नाम पर धीरे-धीरे देश को निजी कंपनियों को दे रही है जिससे महिलाओं पर भारी संकट पैदा हो गया है ! उन्होंने कहा कि महिलाएं भी इस संघर्ष में दूर नहीं रहेगी।
माकपा सचिव मंडल सदस्य गुमान सिंह राव ने कहा कि राजस्थान में बिजली उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाने से आम जनता विशेष कर गरीब, मजदूर, किसान, निम्न वर्ग के उपभोक्ता अत्यधिक प्रभावित होंगे ! स्मार्ट मीटर उपभोक्ता में हित में नहीं होकर निजीकरण की ओर कदम है और विद्युत क्षेत्र को धीरे-धीरे निजी कंपनियों के हाथ में सौंप दिया जाएगा।
एपवा की डॉ.फरहत बानो, माकपा माछला मंगरा शाखा के सचिव अमजद शेख, नौजवान सभा के पूर्व जिला सचिव अनिल पनोर, निर्माण मजदूर एकता यूनियन के अध्यक्ष शमशेर खान, सचिव जावेद खान, उपाध्यक्ष गोपाल जायसवाल कच्ची बस्ती फेडरेशन के सचिव दामोदर कुमावत कार्यकारिणी सदस्य रघुनाथ सिंह ,धनराज निमावत, एपवा की रईसा बानो, तस्लीम बानो, नेशनल हॉकर फेडरेशन के राज्य संयोजक याकूब मोहम्मद ठेला व्यवसाय मजदूर यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद निजाम उपाध्यक्ष शाहिद मोहम्मद, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश भोई लाल झंडा ऑटो चालक यूनियन के सदस्य वसीम शाह ने भी अपने विचार व्यक्त किये!


अंत में डॉ कुसुम मेघवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम पर ज्ञापन देकर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय को तत्काल निरस्त कर जहां पर स्मार्ट मीटर लगाए गए उन सभी को बदलकर पुराने ही मीटर लगाने,,स्मार्ट मीटर लगाने की बजाय सरकार ग्रामीण क्षेत्रों व किसानों को नियमित पर्याप्त बिजली आपूर्ति कर उस पर ध्यान देने, तत्काल गरीब और वंचित वर्ग के उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बार-बार हो रही अनियमिताओं का समय बद्ध समाधान कर जनता को राहत दिलाने की मांग की गई !
अंत में इस आंदोलन को व्यापक करने का भी निर्णय करने के साथ उदयपुर की आम जनता को भी इस संघर्ष में भागीदारी कराने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। यह जानकारी राजेश सिंघवी, जिला सचिव, माकपा, उदयपुर ने दी।

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