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मौत से पहले कर दिया था पिंडदान व सवामणि, 80 वर्षीय वरिष्ठजन का देहदान

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24 न्यूज अपडेट, सीकर। शहर के तारपुरा के रामा टांडा निवासी चौधरी तुलसीराम भगत (80) ने गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अपने जीवन का अंतिम योगदान देते हुए एसके मेडिकल कॉलेज में बॉडी डोनेट की। उनके इस कदम से मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की गहन अध्ययन सुविधा प्राप्त होगी और समाज में बॉडी डोनेशन की जागरूकता को बल मिलेगा।

देहदान की पहले से की थी घोषणा
तुलसीराम भगत ने तीन साल पहले ही अपने अंतिम संस्कार और पिंडदान का निर्णय ले लिया था। 4 जुलाई 2022 को उन्होंने अपनी पत्नी भगवानी देवी के साथ हरिद्वार जाकर गंगा में पिंडदान और सवामणी किया और अपने परिवार को बॉडी डोनेशन की घोषणा पूरी करने का निर्देश दिया।

एसके मेडिकल कॉलेज में बॉडी डोनेट
बीएल मील, बॉडी डोनेशन मोटिवेटर, ने बताया कि मृत्युपरांत परिवार और मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने तुलसीराम भगत के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनका कहना है कि 80 वर्ष की आयु में भी तुलसीराम भगत किसी शारीरिक रोग से पीड़ित नहीं थे। तुलसीराम भगत के इस पुण्य कार्य में उनके परिवार का पूर्ण समर्थन रहा। उनकी पत्नी भगवानी देवी ने भी पहले ही बॉडी डोनेशन की घोषणा कर रखी थी। उनके चार बेटे और एक बेटी शारदा रैवासा, महेंद्र, राजेंद्र, मनोज और सुभाष कृ इस फैसले के साथ खड़े रहे।

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