24 News Update. मकर संक्रांति से एक दिन पहले कटी पतंग की मानिंद हालत हो गई नेताजी की। ऐसी पतंग जो जिसकी थी उसकी है भी और नहीं भी, और जिसकी थी उसकी भी है भी और नहीं भी। बीच में लूटनेवाला चाहता है कि जिसकी होकर भी नहीं थी उसकी नहीं चाह कर भी हो जाए पतंग। हाथ वाले भी चिंतित हैं कि कहीं चाइनीज मांझे जैसी हालत न हो जाए। जो पतंग कमल की पंखुड़ियों को काट कर आ सकती है वो हाथ को भी घायल कर सकती है। बहरहाल, उलझन के इस गूंथाले के बीच लौट आओ मेरे मीत का गीत गूंज उठा है। यहां कोई घर वापसी का शुभ लाभ का नक्षत्र सक्रिय नहीं हुआ, बल्कि सूर्य के उत्तरायण से पहले कमल की पंखुड़ियों में बंद कर सहेज कर रखी गई लाल फाइलों से जांच की कोंपलें फूटने का मौसम आया। जैसे ही नेताजी ने भाजपा की वाशिंग मशीन से पैर बाहर निकाला, साबुन का झाग बैठा भी नहीं था कि एसीबी का नल खुल गया फिर से गंगा स्नान करवाने के लिए। भाजपा की वाशिंग मशीन बड़ी अजीब चीज़ है। इसमें डालते ही नेता के दाग राजनीतिक हो जाते हैं और बाहर निकालते ही वैचारिक। याने जो नेता भाजपा में रहते हुए एक डाल से दूसरी डाल तक भी नहीं उड़ान भर सका, अब उसके लिए कहा जा रहा है कि व वागाड़ में हमारी नहीं, हवा में चढ़ गई नई नवेली पार्टी की पतंग काट देगा। लेकिन सर्द हवाओं में एसीबी से यादगार और ऐतिहासिक महा-मिलन के किस्सों ने बता दिया कि पिक्चर अभी बाकी है। पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया को शायद नहीं पता था कि वाशिंग मशीन में ”कंट्रोल जेड़” वाला कमांड भी है जिसमें वापसी के साथ ही दाग की भी घर वापसी होती है। मंत्र यही है कि जो साथ लेकर आए थे, वो ही साथ लेकर जाओगे। कल सुबह 9 बजे एसीबी पेट्रोल पंप पहुँची। मैनेजर नहीं मिले। एसीबी एक घंटे इंतजार करती रही- एसीबी के इतने धैर्य की प्रशंसा की जानी चाहिए क्योंकि आम तौर पर इतना धैर्य आम लोगों में भी नहीं होता। वे भी अस्पतालों में गंभीर हालत में डाक्टर के इंतजार में पड़े पड़े इतने समय में तो आपा खो ही बैठते हैं। फिर कागज़, जमीन, लेन-देन-सब कुछ ऐसे देखा गया जैसे शादी में पंडितजी कुंडली मिलाते हैं। यह योग ठीक नहीं है, यहाँ से पॉलिटिकल ग्रह थोड़े से गड़बड़ है। उधर मालवीया जी जयपुर के लिए निकले, बीच रास्ते खबर मिली- एसीबी आ गई है। पालोदा से ही लौट आए। बोले- नहीं आता तो लोग कहते भाग गया। यह बयान अपने आप में ऐतिहासिक है। अब देश में भागने की परिभाषा बदल चुकी है। जो जयपुर नहीं पहुँचा—वह फरार नहीं है। मगर जो घर लौट आया-वह चरित्रवान। सबसे दिलचस्प है टाइमिंग। 48 घंटे पहले कांग्रेस में वापसी की इच्छा जागी, उसका सार्वजनिक प्रदर्शन किया गया। उसके 48 घंटे बाद एसीबी की दस्तक हो गई। इतनी सटीक टाइमिंग तो वंदे भारत भी कहां रख पाती है। याने अब ज्यादा घंटों तक इच्छा को धारण करके उसको होल्ड रखना भी जांच और मुसीबत का विषय बन सकता है। आप भी अगर पॉलिटिकल इच्छाधारी हैं, कोई तमन्ना रखते हैं तो उसके एग्जीक्यूशन से पहले तक खामोश रहिये, ना जाने कब-कहां एसीबी से मुलाकात हो जाए। राजनीति के गलियारों में अब नया बोर्ड लगना चाहिए- पाला बदलते समय सावधान रहें, आपके पीछे फाइलें चल रही हैं। सावधान! आप डेटा की गिरफ्त में हैं जिसके करप्ट होते ही खुद आप पर साइबर अटैक हो सकता है। यह व्यंग्य सिर्फ मालवीया जी पर नहीं है। यह उन सभी नेताओं के लिए चेतावनी है जो इस पार खड़े होकर उस पार के फायदे गिन रहे हैं और उस पार खड़े होकर इस पार की नैतिकता का भाषण दे रहे हैं। चश्मा लगा कर उस वर्चुअल दुनिया का सपना देख रहे हैं जिसको वे -हां, जी राम जी। जय राम जी। कहते हुए छोड़ आए थे। याद रखिए- राजनीति में जो आर–पार होता है, उस पर दल-दल वाली मिसाइल बैक फायर भी कर जाती है। कौन कौनसा अंग वार करते हुए डेमेज करती है यह बताने की जरूरत नहीं है। जो पार्टी छोड़ने के मुहाने पर खड़े हैं, जिनका “दम घुटने वाला बयान” एकदम फिलिंग के लेवल पर तैयार है मीडिया में रिलीज होने वाला है। वे आक्सीजन सिलेण्डर मंगवा लें, मास्क लगा लें। अपनी तमन्नाओं की फिर से ब्रेन मेपिंग करवा लें। कहीं विचार मात्र से ही एसीबी न आ धमके। वेंटिलेशन खोल दें, नए विचार आने दें। कहीं लेटर लिखते ही वेंटिलेटर पर जाने की नौबत ना आ जाए। इसलिए राजनीति में आने-जाने वाले जरा होंशियार…राह में कहीं एसीबी से मुलाकात ना हो जाए…जिससे डरते थे वही बात न हो जाए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अहमदाबाद में मकर संक्रांति पर छतें उगल रही सोना, 1.5 लाख तक पहुंचा टेरेस किराया उदयपुर में गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात: मुंबई से इवेंट के बहाने बुलाकर युवती से दरिंदगी, एक आरोपी डिटेन