चित्तौड़गढ़। मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन विष हरण” के तहत चित्तौड़गढ़ पुलिस ने ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसे जिले के अपराध इतिहास में मील का पत्थर माना जा रहा है। पुलिस ने यहां अब तक की सबसे बड़ी अवैध एमडी (MDMA) निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए एक संगठित, तकनीकी और अंतर-जिला तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
यह कार्रवाई उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशन में और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी की रणनीतिक निगरानी में की गई। एसपी त्रिपाठी ने बताया कि पिछले कई महीनों से जिले में सक्रिय ड्रग नेटवर्क को चिन्हित करने, उसकी जड़ों तक पहुंचने और पूरे तंत्र को तोड़ने के लिए लगातार तकनीकी विश्लेषण, फील्ड इनपुट और खुफिया सूचनाओं पर काम किया जा रहा था। उसी सतत अभियान का यह निर्णायक परिणाम है।
छोटी बरामदगी से बड़े नेटवर्क तक पहुंची पुलिस
मामले की शुरुआत कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाना क्षेत्र से हुई, जहां थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने सत्तू माली और जीवन वैष्णव को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से क्रमशः 6 ग्राम और 2 ग्राम एमडी बरामद की। एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जब गहन पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण किया गया, तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया।
आरोपियों ने बताया कि यह एमडी उन्हें ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा से सप्लाई की गई थी। इसी इनपुट ने पुलिस को एक संभावित अवैध फैक्ट्री की ओर इशारा किया।
8 थानों, 100 पुलिसकर्मियों की संयुक्त कार्रवाई
सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सरिता सिंह के निर्देशन में, सीओ गंगरार शिवन्या सिंह और सीओ सिटी बृजेश सिंह के नेतृत्व में एक विशाल संयुक्त टीम बनाई गई।
इस टीम में जिले के 8 थानों के थानाधिकारी और करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल किए गए।
टीम ने थाना गंगरार क्षेत्र के ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा में सघन दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस के पहुंचने से पहले मुख्य आरोपी पहाड़ियों और बीहड़ इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन जो मिला उसने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं।
रिहायशी मकान से निकली ‘ड्रग फैक्ट्री’
दबिश के दौरान जगदीश बंजारा, अशोक बंजारा और राहुल बंजारा के रिहायशी मकान से जो बरामद हुआ, उसने साफ कर दिया कि यहां सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि एमडी का सुनियोजित निर्माण किया जा रहा था।
मादक पदार्थ व अवैध सामग्री
- स्मैक – 6 ग्राम
- टांका – 69 ग्राम
- देशी शराब – 2.7 लीटर
- अल्फाबेट व नंबर पंचिंग मशीन
एमडी निर्माण में प्रयुक्त रसायन
- एसिटिक एसिड
- सोडियम कार्बोनेट
- वॉशिंग सोडा / सोडा ऐश
- इमामेक्टिन बेंजोएट
- एसिटाइल क्लोराइड
- मास्क व रेस्पिरेटर सेट
- एल्युमिनियम फॉयल
- सूती कपड़ा व एमडी छना हुआ कपड़ा
हाईटेक नेटवर्क का सबूत
- लैपटॉप – 4
- मोबाइल फोन – 33
- कैमरा – 1
- ड्रोन सेट – 1
- नोट गिनने की मशीन – 1
- नकद – ₹14,16,950
जब्त वाहन
- हुंडई क्रेटा कार (RJ06 CG 9496)
- होंडा SP-125 मोटरसाइकिल
- यामाहा FZ-25 मोटरसाइकिल
अंतर-जिला और तकनीकी रूप से मजबूत गिरोह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन, दर्जनों मोबाइल, लैपटॉप और बड़ी नकदी यह साबित करती है कि यह गिरोह केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतर-जिला स्तर पर फैला हुआ, तकनीकी रूप से संगठित और आर्थिक रूप से मजबूत था। नेटवर्क में सप्लाई, निर्माण, स्टोरेज और वितरण के लिए अलग-अलग लोग और संसाधन लगे हुए थे।
फरार आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और बरामद डिजिटल उपकरणों का फॉरेंसिक विश्लेषण कराया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े नाम सामने आएंगे।
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