Site icon 24 News Update

ऑपरेशन चक्रव्यूह सफल: एमडी ड्रग्स और टांके के साथ दो गिरफ्तार

Advertisements

24 News Update जयपुर। जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत प्रतापगढ़ पुलिस ने एक बड़ी और सुनियोजित साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस की सक्रियता से न केवल अवैध मादक पदार्थ एमडी और उसमें मिलाए जाने वाला टांका जब्त किया गया, बल्कि एक निर्दोष व्यक्ति को झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने की योजना भी विफल कर दी गई। पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
एसपी आदित्य ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप अधीक्षक गजेन्द्र सिंह राव के मार्गदर्शन में थानाधिकारी प्रतापगढ़ दीपक बंजारा के नेतृत्व वाली टीम गुरुवार 6 नवम्बर को मंदसौर रोड पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान बसाड़ की तरफ से आ रही एक मोटरसाइकिल के चालक हनीफ खान पठान (32) निवासी बगवास ने पुलिस जाब्ते को देखकर वापस मुड़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।
घेरा डालकर पकड़े जाने पर हनीफ खान पठान की जेब से 10 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी और 57 ग्राम टांका (एमडी में मिलाने वाला पदार्थ) जब्त किया गया। जब्त की गई एमडी की अनुमानित कीमत ₹2 लाख बताई गई है। हनीफ को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

आरोपी ने किया साजिश का खुलासा
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त हनीफ खान पठान ने बताया कि उसके दोस्त सलमान उर्फ सम्मु उर्फ मच्छी निवासी मालवा कॉलोनी की अकिल कुरैशी निवासी बगवास से मुर्गी और मछली के व्यापार को लेकर पुरानी रंजिश चल रही है।
सलमान उर्फ मच्छी ने ही यह एमडी और टांका हनीफ को दिया था। दोनों की योजना थी कि वे यह अवैध मादक पदार्थ अकिल कुरैशी की ईको कार में रखकर उसे झूठे एनडीपीएस के मामले में फंसाकर जेल भिजवा दें।
इस खुलासे पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सलमान उर्फ सम्मु उर्फ मच्छी पुत्र अयुब न्यारगर को हिरासत में लिया। पूछताछ में सलमान उर्फ मच्छी ने साजिश रचने और हनीफ को एमडी व टांका देने की बात स्वीकार कर ली। इस पर पुलिस ने साजिश रचने वाले मुख्य अभियुक्त सलमान उर्फ मच्छी को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त सलमान उर्फ सम्मु उर्फ मच्छी का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, मत्स्य अधिनियम और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर धाराओं में 08 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं और कई मामले विचाराधीन हैं।

Exit mobile version