24 News Update जयपुर। राजस्थान सरकार ने मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में नए प्रावधान लागू किए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अब मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी (एसडीएम), सहायक कलेक्टर और तहसीलदार को अधिकृत किया गया है। नए नियमों के तहत पात्रता और दस्तावेजों को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
सरकार के नए प्रावधानों के अनुसार अब ऐसे लोग भी मूल निवास प्रमाण-पत्र बनवा सकेंगे, जो राजस्थान में 10 वर्ष या उससे अधिक समय से किराये के मकान में रह रहे हैं। वहीं राजस्थान सरकार या सरकारी उपक्रमों में लगातार तीन वर्ष से कार्यरत कर्मचारियों तथा उनके बच्चों को भी मूल निवास प्रमाण-पत्र के लिए पात्र माना जाएगा।
आवेदन के साथ शपथ-पत्र और दो अनुशंसा पत्र अनिवार्य
गृह विभाग ने मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी करने से पहले आवेदक से शपथ-पत्र (एफिडेविट) लेना अनिवार्य किया है। इसके साथ ही दो जिम्मेदार व्यक्तियों के अनुशंसा प्रमाण-पत्र भी आवेदन के साथ लगाने होंगे।
अनुशंसा देने वालों में सांसद, विधायक, गजेटेड अधिकारी, जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य, सरपंच, ग्राम सचिव, पटवारी, मेयर, नगरपालिका अध्यक्ष, सभापति, पार्षद, सरकारी कर्मचारी अथवा पुलिस बीट प्रभारी शामिल हो सकते हैं।
10 वर्ष निवास करने वालों को मिलेगी पात्रता
नियमों के अनुसार वह व्यक्ति मूल निवासी माना जाएगा जिसके माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हों या वे राजस्थान में लगातार 10 वर्ष अथवा उससे अधिक समय से निवास कर रहे हों। यदि माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हैं तो आवेदन के साथ आवेदक का जन्म प्रमाण-पत्र तथा माता-पिता का मूल निवास प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।
मकान और पहचान दस्तावेज जरूरी
यदि आवेदक या उसके माता-पिता राजस्थान में पिछले 10 वर्षों से मकान में रह रहे हैं, तो उन्हें वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा अन्य फोटो पहचान पत्र आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा।
विवाह के बाद महिलाओं को भी मिलेगी सुविधा
दूसरे राज्यों की वे महिलाएं, जिनका विवाह राजस्थान के मूल निवासी से हुआ है और वे यहां निवास कर रही हैं, उन्हें भी राजस्थान का मूल निवासी माना जाएगा। ऐसी महिलाओं को आवेदन के साथ विवाह प्रमाण-पत्र, पति का मूल निवास प्रमाण-पत्र तथा आधार कार्ड या अन्य पहचान दस्तावेज जमा कराने होंगे। साथ ही उन्हें अपने पीहर राज्य का मूल निवास प्रमाण-पत्र सरेंडर करने संबंधी शपथ-पत्र भी देना होगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
राजस्थान सरकार या सरकारी उपक्रमों में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों और उनके बच्चों को मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए संबंधित सेवा दस्तावेज आवेदन के साथ लगाना अनिवार्य होगा।

