24 News Update अखिल भारतीय रैगर महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि जयपुर में हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान सीताराम मौर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि रैगर समाज के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटियों में उनका उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश में रैगर समाज की आबादी अनुसूचित जाति वर्ग में लगभग 30 प्रतिशत है, जो विधानसभा की करीब 70 सीटों पर जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है।मौर्य ने नाराजगी जताते हुए कहां कि हाल ही में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए जिला अध्यक्षों में एक भी रैगर समाज के कार्यकर्ता को स्थान नहीं दिया गया, जिससे समाज में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने इसे सामाजिक और राजनीतिक उपेक्षा करार दिया।पहले मजबूत था प्रतिनिधित्व, अब शून्य—मौर्य ने जताई चिंतासीताराम मौर्य ने पुराने समय को याद करते हुए बताया कि जब रैगर समाज की आबादी मात्र 12-13 प्रतिशत थी, तब भी समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व काफी मजबूत था। उस दौर में विरदा राम फुलवरिया सांसद थे, जबकि स्वर्गीय छोगा लाल कांवरिया और छोगाराम बाकोलिया जैसे नेता मंत्री पदों पर आसीन थे। साथ ही तीन-चार विधायक भी रैगर समाज से हुआ करते थे, लेकिन वर्तमान में स्थिति पूरी तरह विपरीत है।आत्माराम ‘लक्ष्य’ स्मारक और भूमि आवंटन का मुद्दा भी उठायामौर्य ने जनवरी 2023 में आयोजित अखिल भारतीय रैगर महासभा के शपथ ग्रहण समारोह का भी जिक्र किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अशोक गहलोत को आमंत्रित किया गया था। उनके स्थान पर प्रतिनिधि के रूप में प्रताप सिंह खाचरियावास कार्यक्रम में शामिल हुए थे।इस दौरान महासभा के संस्थापक त्यागमूर्ति स्वामी आत्माराम ‘लक्ष्य’ की जन्मभूमि शिवदासपुरा (जयपुर) में उनकी प्रतिमा स्थापना, स्मारक निर्माण तथा बड़े आयोजनों के लिए 10 बीघा भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग रखी गई थी। मौर्य ने बताया कि इस मांग को बाद में गहलोत सरकार ने गंभीरता से लेते हुए बजट 2023-24 में स्वीकृति प्रदान की, जिसके लिए पूरा रैगर समाज उनका आभारी है।गहलोत का भरोसा—रैगर समाज के साथ खड़ी रहेगी कांग्रेसमुलाकात के दौरान अशोक गहलोत ने सीताराम मौर्य की सभी बातों को गंभीरता से सुना और ज्ञापन स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा रैगर समाज के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।यह मुलाकात रैगर समाज के राजनीतिक भविष्य और अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में समाज की राजनीति में भागीदारी को लेकर नई दिशा मिल सकती Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आदिवासी क्षेत्रों व लोगों को उद्योग से जोडने, लोन देने व पर्यटन को बढाने के लिए सरकार की कई योजनाएं : केंद्रीय राज्य मंत्री पंच गौरव तैराकी शिविर: छठे दिन बैक स्ट्रोक तकनीक और बॉडी बैलेंस पर फोकस