24 News Update उज्जैन/उदयपुर । महाकाल की नगरी उज्जैन में श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज का अखिल भारतीय अधिवेशन दिव्य संकल्पों और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने समाज के संगठन, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज के राष्ट्रीय संयोजक भूपेन्द्र पण्डया (सागवाड़ा) ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज परिषद मध्यप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष पंडित सुनील जोशी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ इष्टदेव एकलिंगनाथ के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद ॐ नाद, ध्यान और सामूहिक प्रार्थना के साथ अधिवेशन की औपचारिक शुरुआत की गई।
मुख्य वक्ता भूपेन्द्र पण्डया ने समाज के संगठनात्मक ढांचे, अखिल भारतीय स्तर पर संस्थान के विधान एवं कार्यकारिणी गठन, विभिन्न राज्यों में समाज के सदस्यों को जोड़ने तथा युवा पीढ़ी में संस्कार और शिक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। अधिवेशन में पवन अमरावत, लक्ष्मीनारायण पण्डया, प्रियकांत पण्डया, पुरुषोत्तम जोशी, विजेश मालपुर, शैलेश ठाकर, गोमतीशंकर पण्डया और महेश जोशी सहित कई वक्ताओं ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की प्रगति का मूल आधार शिक्षा, संस्कार और संगठनात्मक एकता है।
बैठक में सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार, सामूहिक विवाह, रोटी-व्यवहार और बेटी-व्यवहार जैसे सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही जरूरतमंद समाजजनों को धार्मिक स्थलों की तीर्थयात्रा करवाने तथा उदयपुर में लगभग 18 हजार वर्गफीट भूमि पर अखिल भारतीय स्तर के समाज भवन निर्माण की योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव विनोद पानेरी ने किया तथा आभार अनिल पण्डया आंजना ने व्यक्त किया।
20 हजार वर्गफीट में बनेगा एकलिंगनाथ मंदिर
अधिवेशन के दौरान उज्जैन के पंचक्रोशी पड़ाव-3 बड़नगर रोड स्थित ग्राम नलवा में मेवाड़ के आराध्य भगवान एकलिंगनाथ के भव्य मंदिर, गुरुकुल और गोशाला निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया गया। इस अवसर पर मेवाड़ राजघराने के महाराणा प्रताप के वंशज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी में त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज द्वारा एकलिंगनाथ मंदिर निर्माण का संकल्प मेवाड़ और मालवा के सांस्कृतिक संगम का प्रतीक है।
भूमिपूजन अनुष्ठान महेन्द्रानंद गिरि महाराज, रामनाथ महाराज और दयाराम महाराज सहित संतों के सानिध्य में 151 दंपतियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में उदयपुर संभाग के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश से आए दो हजार से अधिक समाजजन उपस्थित रहे।
सात करोड़ की लागत से बनेगा मंदिर
मंदिर लगभग 20 हजार वर्गफीट क्षेत्र में सफेद संगमरमर से निर्मित किया जाएगा, जबकि शिवलिंग काले पत्थर का स्थापित होगा। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब सात करोड़ रुपये आंकी गई है। मंदिर का डिज़ाइन अहमदाबाद के प्रसिद्ध सोमपुरा परिवार ने तैयार किया है, जिसने राम मंदिर का डिज़ाइन भी बनाया था। मंदिर परिसर में गुरुकुल और गोशाला का निर्माण भी प्रस्तावित है, जबकि इसका निर्माण कार्य आगामी सिंहस्थ से पूर्व 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उज्जैन में त्रिमेस समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न, शिक्षा-संस्कार को बताया समाज उन्नति का आधार

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