24 न्यूज अपडेट भोपाल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादास्पद बयान पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बेंच ने मंगलवार को मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह पर भारतीय दंड संहिता (प्च्ब्) की धारा 153। (सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काना) और 505(2) (सार्वजनिक शांति भंग करने वाला बयान) के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुदीर सक्सेना को एफआईआर दर्ज करने के लिए 4 घंटे का समय दिया है, अन्यथा अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हाईकोर्ट का सख्त रुखकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि विजय शाह का बयान ’भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने’ वाला है और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता है। इस बयान को लेकर यदि आज ही एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो डीजीपी को कोर्ट की अवमानना का सामना करना पड़ेगा। जस्टिस अतुल श्रीधरन ने कहा, “यह बयान न केवल संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन करता है, बल्कि समाज में वैमनस्य पैदा करने का प्रयास है।“
विवादित बयान का बवाल
मंत्री विजय शाह का एक वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताते हुए तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।“ इस बयान के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी शाह के बयान की तीखी आलोचना हो रही है।
कार्यक्रम का संदर्भ
विजय शाह रविवार को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित ’हलमा’ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया था। शाह ने अपने भाषण में कहा, “मोदी जी ने कहा था कि घर में घुसकर मारूंगा। जमीन के अंदर कर दूंगा। आतंकवादी तीन मंजिला घर में बैठे थे। बड़े बम से छत उड़ाई, फिर बीच की छत उड़ाई और अंदर जाकर उनके परिवार की ऐसी की तैसी कर दी। यह 56 इंच का सीना वाला ही कर सकता है।“
कांग्रेस की मांग, ठश्रच् से निकाले जाएं विजय शाहहाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्षी कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और कांग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने कहा कि विजय शाह को भाजपा से भी तत्काल बाहर किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “इस तरह के बयान न केवल सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि महिलाओं का भी अपमान करते हैं।“
संगठन की नाराजगी
शाह को तलबमंत्री के बयान से नाराज पार्टी आलाकमान ने उन्हें प्रदेश मुख्यालय तलब किया है। संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने शाह को फटकार लगाई, जिसके बाद मंत्री ने माफी मांगते हुए आगे से ऐसा बयान न देने का भरोसा दिया। सूत्रों के अनुसार, शाह ने कहा, “मुझे अपने शब्दों का चयन बेहतर करना चाहिए था।“
शाह की सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद विजय शाह ने कहा, “मेरे भाषण को गलत संदर्भ में न देखें। प्रधानमंत्री ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है। कुछ लोग इसे अलग संदर्भ में देख रहे हैं।“
कौन हैं विजय शाह?
विजय शाह मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री हैं। वे बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं और उनकी पहचान एक मजबूत वक्ता और क्षेत्रीय नेता के रूप में है। उन्होंने खरगोन जिले की बड़वानी विधानसभा सीट से चुनाव जीता है और शिवराज सिंह चौहान सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कमल में ‘कीचड़’ : मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, 4 घंटे में एफआईआर के आदेश

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