24 News Update उदयपुर। मुख्यमंत्री के झाड़ोल दौरे के दौरान उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत की एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। सांसद ने राजस्थान के मुख्य सचिव डी.पी. निवास के साथ मुलाकात का फोटो साझा करते हुए लिखा है — राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी की किंग-पिन मुख्य सचिव श्री डी.पी. निवास जी के साथ…। इस पोस्ट सामने आने के बाद किंग-पिन शब्द के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बहस शुरू हो गई है।मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुई इस मुलाकात को सामान्य प्रशासनिक संवाद माना जा रहा था, लेकिन फेसबुक पोस्ट में प्रयुक्त एक अंग्रेजी शब्द ने पूरे संदेश का केंद्र बदल दिया। कई लोगों का कहना है कि यदि उद्देश्य मुख्य सचिव की प्रशासनिक भूमिका और प्रभाव को रेखांकित करना था तो मुखिया, सर्वोच्च अधिकारी, शीर्ष प्रशासक या ब्यूरोक्रेसी के प्रमुख जैसे शब्द भी लिखे जा सकते थे। आखिर ‘किंग-पिन’ का अर्थ क्या है?अंग्रेजी भाषा में किन—पिन शब्द का मूल अर्थ किसी व्यवस्था, संगठन या तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण, प्रभावशाली अथवा केंद्रीय व्यक्ति होता है। व्यापार, राजनीति और प्रशासन में भी कई बार इसका उपयोग प्रभावशाली नेतृत्व के लिए किया जाता है। लेकिन यही शब्द लोकप्रिय अंग्रेजी फिल्मों, वेब सीरीज, अपराध कथाओं और थ्रिलर उपन्यासों में वर्षों से किसी सही काम के बजाय अन्य काम से जुड़े सिंडिकेट के सरगना, माफिया डॉन, मास्टरमाइंड या पूरे आपराधिक नेटवर्क को संचालित करने वाले व्यक्ति के लिए भी व्यापक रूप से इस्तेमाल होता रहा है। यही कारण है कि आम पाठक के मन में इस शब्द की पहली छवि अक्सर अपराध जगत से जुड़ी बनती है। शब्द वही, लेकिन संदर्भ बदलते ही बदल जाता है अर्थ भाषा विशेषज्ञों का मानना है कि कई अंग्रेजी शब्दों के अर्थ संदर्भ के अनुसार बदल जाते हैं। किंगपिन भी उन्हीं शब्दों में शामिल है। किसी प्रशासनिक अधिकारी के लिए इसका प्रयोग सबसे प्रभावशाली अधिकारी के अर्थ में किया जा सकता है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर यही शब्द विवाद और चर्चा की लहर भी पैदा कर सकता है, क्योंकि इसकी लोकप्रिय पहचान अपराध जगत के संदर्भ में अधिक रही है। ब्यूरोक्रेसी पर भी दिखा एक संकेत राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सांसद की पोस्ट में राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी की किंग-पिन लिखना यह संकेत देता है कि उन्होंने मुख्य सचिव को राज्य की नौकरशाही का सबसे प्रभावशाली और केंद्रीय चेहरा माना है। राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्य सचिव वैसे भी सरकार के सर्वोच्च नौकरशाह होते हैं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पोस्ट को नौकरशाही की बेतहाशा शक्ति और प्रभाव की स्वीकारोक्ति के रूप में भी देखा जा रहा है। इसके साथ ही कहीं ना कहीं यह मनोभाव भी छिपा हो सकता है कि नौकरशाही किस तरह से राजनीति पर हावि हो रही है। फिलहाल सांसद मन्नालाल रावत की ओर से इस शब्द के चयन को लेकर कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किंग-पिन शब्द का प्रयोग केवल सबसे प्रभावशाली अधिकारी के अर्थ में किया या सामान्य बोलचाल में प्रचलित अर्थ वाली गुगली फेंकी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर आरएनटी मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम, 100 से अधिक चिकित्सकों व विद्यार्थियों ने ली अंगदान की शपथ सावन के प्रथम सोमवार पर रुद्राभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़