24 News Update उदयपुर। सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने बुधवार को जिला परिषद में जन सुनवाई की जिसमें विभिन्न मुद्दों को लेकर 40 से अधिक परिवादनाएं आई। इनमें ज्यादातर जनसमस्याओं को लेकर थी, जिनका मौके पर समाधान किया गया। जनसुनवाई में एक मामला ऐसा भी आया जिसमें एक महिला ने अपनी निजी जमीन सरकार को दान कर दी, जिस पर आंगनवाडी केंद्र स्थापित किया गया। लेकिन एसडीओ ने इसे गैर कृषि कार्य बता कर महिला को ही नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया। इस मामले में सांसद ने मुख्यमंत्री और प्रतापगढ कलेक्टर को पत्र लिख कर एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई का की मांग की है। ?
सांसद डॉ रावत ने दोपहर में जिला परिषद में जनसुनवाई की जिसमें लोग अलग-अलग मुद्दों को लेकर अपना मांग पत्र लेकर आए। कई लोग अपने तबादला प्रकरण और निजी समस्याओं को लेकर भी आए, जिन्हें भी सुना गया। एकलिंगपुरा के नागरिकों की ओर से दिए गए ज्ञापन में झामरकोटडा रोड को 150 फीट चौडा करने के संबंध में आपत्ति जताई गई और इसको 100 फीट ही रखने तथा अवाप्ति प्रक्रिया दक्षिण दिशा की ओर करने की मांग की गई। लाडीया का खेडा तहसील कुराबड के मांगीलाल रेबारी ने वर्ष 2008 में आबंटित पट्टा नियमन की कार्रवाई की मांग की। राजस्व ग्राम देवाली पटवार मंडल सांगवा तहसील घासा में रास्ता खोलो अभियान के तहत राजस्व रिकॉर्ड अनुसार रास्ते का सीमांकन करवाकर कायम करवाने के संबंध में तारा माली ने परिवेदना पेश की। सांसडा गांव वासियों ने गांव के राजकीय स्कूल से नदी व श्मशान की ओर जाने वाले मार्ग पर शीघ्र अतिक्रमण हटवाने की मांग की।
एक मामले में सांसद डॉ रावत ने महिला की परिवेदना सुनकर उपखण्ड अधिकारी, धरियावद, जिला प्रतापगढ़ के विरूद्ध कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री व कलेक्टर प्रतापगढ को पत्र लिखा है। बताया गया कि उपखण्ड अधिकारी के खिलाफ स्थानीय लोगों द्वारा लगातार मौखिक शिकायतें प्राप्त हो रही है, जो नाजायज रूप से लोगों को परेशान करने से सम्बन्धित है। शिकायतों में एक उदाहरण लोगों ने बताया कि जिसमें क्षेत्र की एक जनजाति महिला श्रीमती भेरकी पत्नी मांगीया मीणा ने अपनी निजी कृषि भूमि राज्यहित एवं क्षेत्रहित में आंगनवाड़ी भवन निर्माण के लिए दान दे दी। उक्त भूमि पर आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हो रहा है। उपखंड अधिकारी ने महिला को नोटिस जारी कर कृषि भूमि पर गैर कृषि कार्य आंगनवाडी भवन सिंहाड बना होने को लेकर नोटिस जारी कर दिया और इस सम्बन्ध में जवाब प्रेषित करने हेतु पाबन्द भी किया गया है। सांसद ने पत्र में लिखा कि उपखण्ड अधिकारी का इस प्रकार का कृत्य स्पष्ट रूप से स्थानीय लोगों को जानबुझकर परेशान करने वाला है एवं आमजन के मध्य सरकार की छवि बिगाडने वाला है, इसलिए उपखण्ड अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक का
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