उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अतिथि संकाय संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। बैठक में अतिथि संकाय सदस्यों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, मांगों और संगठनात्मक मजबूती पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान संगठन की केंद्रीय एवं संघटक महाविद्यालयों की कार्यकारिणी का पुनर्गठन सर्वसम्मति से किया गया।
🏛️ केंद्रीय कार्यकारिणी का गठन, डॉ. मोहित नायक को मिली कमान
संगठन के मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय कार्यकारिणी में निम्न पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया—
- डॉ. मोहित नायक — अध्यक्ष
- डॉ. प्रियंका चौधरी — उपाध्यक्ष
- डॉ. एस. डी. वैष्णव — महासचिव
- डॉ. कर्मराज वर्मा — वित्त सचिव
- डॉ. आफरीन शब्बर — सचिव
- डॉ. राजेश यादव — मीडिया प्रभारी
इसके साथ ही डॉ. रूपसिंह मीणा को संगठन का संरक्षक घोषित किया गया।
🏫 संघटक महाविद्यालयों की कार्यकारिणी भी गठित
बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न संघटक महाविद्यालयों की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया—
📚 कला महाविद्यालय
- डॉ. तरुण पालीवाल — अध्यक्ष
- डॉ. चंद्रिका शर्मा — महासचिव
📊 वाणिज्य महाविद्यालय
- डॉ. प्रियंका जैन — अध्यक्ष
- डॉ. ज्योति जैन — महासचिव
🔬 विज्ञान महाविद्यालय
- माधुरी औदिच्य — अध्यक्ष
- रिचा राजपूत — महासचिव
बैठक में विश्वविद्यालय के सभी संगठक महाविद्यालयों के अतिथि संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
👤 डॉ. मोहित नायक का संगठनात्मक अनुभव
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मोहित नायक इससे पूर्व कला महाविद्यालय के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान छात्रसंघ राजनीति में भी उनके समूह के अध्यक्ष निर्वाचित होते रहे हैं, जिससे उनका संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट होती है।
💬 अतिथि संकाय की प्रमुख मांगें और लक्ष्य
अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद डॉ. मोहित नायक ने कहा कि संगठन का प्रमुख लक्ष्य अतिथि संकाय सदस्यों की वर्षों से लंबित मांगों का समाधान करवाना है। उन्होंने बताया कि—
- प्रति कक्षा मानदेय 800 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये करवाने
- वीक्षक ड्यूटी के मानदेय में वृद्धि
- महाविद्यालयों एवं संगठक महाविद्यालयों में बिलों से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान
- अतिथि संकाय के लिए सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने
जैसे मुद्दों को लेकर संगठन एकजुट होकर विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद और आवश्यक कदम उठाएगा।
✊ एकजुटता के साथ संघर्ष का संदेश
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अतिथि संकाय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की रीढ़ है और उनके अधिकारों, मानदेय एवं कार्य स्थितियों में सुधार के लिए संगठित और सकारात्मक प्रयास जरूरी हैं।

