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डॉ. मोहित नायक बने अध्यक्ष, अतिथि संकाय की लंबित मांगों और मानदेय सुधार पर रहेगा फोकस

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24 News Update उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के अतिथि संकाय संगठन की वार्षिक बैठक रविवार को विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में आयोजित हुई। इस बैठक में अतिथि संकाय सदस्यों से जुड़ी लंबित समस्याओं, उनके मानदेय और कार्य स्थितियों से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य संगठन की मजबूती, नवनिर्मित केंद्रीय और संघटक महाविद्यालय कार्यकारिणी का पुनर्गठन और अतिथि संकाय सदस्यों की हितों की रक्षा के लिए रणनीति तैयार करना था।
बैठक के दौरान केंद्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन सर्वसम्मति से किया गया। इस नई कार्यकारिणी में डॉ. मोहित नायक को अध्यक्ष, डॉ. प्रियंका चौधरी को उपाध्यक्ष, डॉ. एस. डी. वैष्णव को महासचिव, डॉ. कर्मराज वर्मा को वित्त सचिव, डॉ. आफरीन शब्बर को सचिव और डॉ. राजेश यादव को मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त संगठन के संरक्षक के रूप में डॉ. रूपसिंह मीणा को नियुक्त किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े सभी संघटक महाविद्यालयों की कार्यकारिणी भी गठित की गई। कला महाविद्यालय के अध्यक्ष के रूप में डॉ. तरुण पालीवाल और महासचिव डॉ. चंद्रिका शर्मा का चयन हुआ। वाणिज्य महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. प्रियंका जैन और महासचिव डॉ. ज्योति जैन बने। विज्ञान महाविद्यालय की कार्यकारिणी में माधुरी औदिच्य को अध्यक्ष और रिचा राजपूत को महासचिव के पद पर मनोनीत किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के सभी संघटक महाविद्यालयों के अतिथि संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे संगठन की सक्रियता और एकजुटता स्पष्ट हुई।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मोहित नायक इससे पूर्व कला महाविद्यालय के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान छात्रसंघ राजनीति में भी उनके समूह के सदस्य लगातार अध्यक्ष निर्वाचित होते रहे हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए संगठन ने उन्हें केंद्रीय अध्यक्ष पद के लिए सर्वसम्मति से चुना। बैठक के दौरान डॉ. नायक ने स्पष्ट किया कि संगठन का प्रमुख लक्ष्य अतिथि संकाय सदस्यों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रशासन के समक्ष उठाना और उनके लिए सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सबसे पहले अतिथि संकाय के प्रति कक्षा मानदेय को 800 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये करने, वीक्षक ड्यूटी के मानदेय में वृद्धि करने, महाविद्यालयों एवं संघटक महाविद्यालयों में बिलों से संबंधित लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने और संकाय सदस्यों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। बैठक में वक्ताओं ने यह भी कहा कि अतिथि संकाय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों, मानदेय एवं कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए संगठन को संगठित, सकारात्मक और निरंतर प्रयास करना चाहिए। अतिथि संकाय सदस्यों ने बैठक में पूर्ण एकजुटता का संदेश दिया और प्रशासन से संवाद के माध्यम से आवश्यक सुधार की प्रक्रिया को तेज करने का संकल्प लिया।

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