24 News update उदयपुर। महाराणा प्रताप केवल इतिहास के योद्धा नहीं, बल्कि आधुनिक भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रेरणा स्रोत भी हैं। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा आयोजित ’16वें महाराणा प्रताप स्मृति व्याख्यान’ में प्रख्यात इतिहासकारों ने प्रताप के शासन मूल्यों की वर्तमान प्रासंगिकता पर गहन विचार साझा किए। बप्पा रावल सभागार में हुए इस आयोजन में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि स्वदेशी आंदोलनों से लेकर देश की एकता तक, प्रताप के सिद्धांत आज भी मार्गदर्शक हैं।मुख्य वक्ता और प्रख्यात इतिहासकार प्रो. शिव कुमार मिश्रा ने एक अहम तथ्य रखते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माण में प्रताप के शासन मूल्यों की गहरी छाप है। उन्होंने बताया कि बंगाल विभाजन के दौरान चले स्वदेशी आंदोलन में भी प्रताप ही सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत थे। उनकी सैन्य रणनीति और विपरीत परिस्थितियों में स्वाधीनता की रक्षा करने का जज्बा आज के भारत के लिए एक बड़ी सीख है। ‘अकबर की बजाय प्रताप सम्राट होते तो मार्ग अलग होता’मुख्य अतिथि प्रो. बी.पी. शर्मा ने एक दिलचस्प पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हल्दीघाटी युद्ध के समय स्थितियां भिन्न होतीं और प्रताप देश के सम्राट होते, तो जन-कल्याण का मार्ग कहीं अधिक सुदृढ़ होता। उन्होंने कहा कि प्रताप ने न केवल राजपूताने को एकजुट किया, बल्कि युद्ध काल में भी मर्यादाओं और प्रजा के हितों की रक्षा की। स्वाभिमान और पर्यावरण प्रेम की मिसालकुलसचिव डॉ. वीसी गर्ग ने प्रताप के व्यक्तित्व के अनछुए पहलुओं जैसे पर्यावरण संरक्षण, पशु प्रेम और आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रताप की जनकल्याणकारी योजनाएं आज के शासन प्रशासन के लिए मॉडल हो सकती हैं। कार्यक्रम की शुरुआत संयोजक प्रो. दिग्विजय भटनागर के स्वागत उद्बोधन से हुई, जिन्होंने प्रताप को सीमित संसाधनों में श्रेष्ठ प्रबंधन की मिसाल बताया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदइस गरिमामय आयोजन में शिक्षा जगत की कई जानी-मानी हस्तियां और शोधार्थी शामिल हुए। वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. रविन्द्र कुमार शर्मा, प्रो. पुष्पा शर्मा, प्रो. मीना गौड़, प्रो. जे.के. ओझा, प्रो. विमल शर्मा, प्रो. चन्द्रशेखर शर्मा, प्रो. मदनसिंह राठौड़, प्रो. सुशीला शक्तावत। विशेषज्ञ एवं डॉक्टर्स डॉ. राजेन्द्रनाथ पुरोहित, डॉ. ईश्वरसिंह राणावत, डॉ. नवीन नन्दवाना, डॉ. पीयूष भादविया, डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. बालूदान बारहठ, डॉ. पंकज आमेठा।गणमान्य अतिथियों में मदनमोहन टांक, इन्द्रसिंह राणावत, चैनशंकर दशोरा, एमएमसीएफ के सीईओ मयंक गुप्ता, गिरीराजसिंह, डॉ. स्वाति जैन, डॉ. हंसमुख सेठ, डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. कुलशेखर व्यास, डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. प्रियदर्शी ओझा, डॉ. अदिति सोनी, डॉ. अजय मोची, डॉ. मोहित शंकर सिसोदिया, डॉ. प्रतापदान और डॉ. निशा मेनारिया शामिल थे। अन्य प्रतिभागी डॉ. प्रवेश, दिव्यांश सक्सेना, मुरली मनोहर, मनोहरदान, स्वाति, अनामिका, जूही, खुशबू, राहुल, नागराज, उमेश, दीपचन्द, दीपक और अजय रहे।मंच संचालन जूही उपाध्याय द्वारा किया गया और धन्यवाद डॉ. पीयूष भादविया ने ज्ञापित किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कंटेनर लूट के आरोपी तक ‘साधु’ बनकर पहुंची गोवर्धन विलास पुलिस, 22 साल बाद आया पकड़ में 10 हज़ार का ईनामी अपनों ने छोड़ा साथ, ‘प्रताप दल’ बना परिवार: 158 लोगों की अस्थियों को लेकर हरिद्वार रवाना हुआ जत्था