24 News Update चित्तौड़गढ़। जिला कलेक्ट्रेट रविवार–सोमवार की दरम्यानी रात एक सनसनीखेज धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में आ गया। रात 12:47 बजे कलेक्टर की एनआईसी ई-मेल आईडी पर आए एक संदेश ने प्रशासन की नींद उड़ा दी—मेल में दावा किया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर में पांच बम प्लांट किए गए हैं, जो दिन में विस्फोट करेंगे। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे एडीएम प्रभा गौतम को मेल की जानकारी दी गई। इसके तुरंत बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने बिना समय गंवाए पूरे कलेक्ट्रेट को हाई अलर्ट पर डाल दिया। आमजन की आवाजाही पर नियंत्रण किया गया और परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
ATS, ERT, बम स्क्वॉड—सब एक साथ मैदान में
एडिशनल एसपी सरिता सिंह के अनुसार, सूचना मिलते ही डीएसटी, लोकल आईबी, डॉग स्क्वॉड, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और ईआरटी को सक्रिय किया गया।
उदयपुर से एटीएस टीम भी मौके पर पहुंची। कलेक्ट्रेट के हर कोने—कार्यालय, सभागार, गलियारे, पार्किंग और खुले स्थान—की सघन तलाशी ली गई। डॉग स्क्वॉड ने एक-एक संदिग्ध बिंदु को खंगाला, ताकि किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री को समय रहते पकड़ा जा सके।
सर्च पूरा, राहत की सांस
घंटों चले ऑपरेशन के बाद राहत की खबर आई। एएसपी सरिता सिंह ने स्पष्ट किया कि सर्च के दौरान कोई भी संदिग्ध या अवांछित वस्तु बरामद नहीं हुई। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कलेक्ट्रेट में कामकाज बहाल है। इस मामले में कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जांच का फोकस अब इस सवाल पर है कि धमकी भरा ई-मेल किस व्यक्ति या समूह ने भेजा। एटीएस और तकनीकी एजेंसियां मेल की डिजिटल ट्रेसिंग में जुटी हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इसी दिन हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट को भी इसी तरह की बम धमकी मिली थी, जहां एहतियातन पूरा परिसर खाली करवाकर तलाशी ली गई थी। अब जांच एजेंसियां यह भी परख रही हैं कि कहीं यह सुनियोजित शरारत या एक ही स्रोत से भेजी गई धमकियों की श्रृंखला तो नहीं।

