24 News Update अजमेर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी से जुड़े फर्जी डिग्री प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रेसिडेंट कौशल किशोर चन्द्रुल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर बिश्नोई के नेतृत्व में की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी कमीशन के आधार पर काम करता था और फर्जी डिग्रियों पर अंतिम हस्ताक्षर भी उसी के होते थे। एसओजी टीम ने उसे जयपुर से हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया, जहां से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी अजमेर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज बताया जा रहा है।
इस मामले में इससे पहले यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन ध्वज कीर्ति शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की परतें खुल रही हैं।
मामले की शुरुआत राजस्थान लोक सेवा आयोग की शिकायत से हुई थी। आयोग ने बताया था कि स्कूल लेक्चरर (हिंदी) भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित सांचौर क्षेत्र की दो अभ्यर्थियों—ब्रह्मा कुमारी और कमला कुमारी—ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी की डिग्री प्रस्तुत की, जबकि आवेदन में उन्होंने वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय से डिग्री होना बताया था।
जांच के दौरान दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि उन्हें एमए की फर्जी डिग्रियां उनके परिजनों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई थीं। इसके बाद एसओजी ने सरकारी शिक्षक दलपत सिंह और डॉ. सुरेश बिश्नोई सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री मामला: पूर्व प्रेसिडेंट गिरफ्तार, अब तक 11 आरोपी पकड़े

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