24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। ज्ञान मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-4 में शुक्रवार को पूर्व छात्र परिषद स्वयं के कार्यक्रम में मानों वक्त थम गया, और यादें बोल उठीं। अवसर था स्कूल के 59वें स्थापना दिवस का, जिसे ज्ञान मंदिर पूर्व छात्र परिषद ’स्वयं’ ने न सिर्फ सेवा और स्मृतियों के संकल्प से मनाया, बल्कि एक ऐसा मंच रचा जिसमें रक्तदान, स्मृतिचिंतन, भावनाओं की बौछार और स्कूल विकास का वचन और विजन सब कुछ शामिल था।कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह संस्थापक आदरणीय बड़े भाई साहब सादगी के प्रतीक टीकमचंदजी असावरा के नेतृत्व में हुआ। स्वयं परिषद की ओर से रक्तदान शिविर में उत्साह की बूँदें रक्त की बूँदों में तब्दील हुईं। मुख्य अतिथि रवीन्द्रपाल सिंह कप्पू और आर-सी देवेन की उपस्थिति में एमबी अस्पताल की टीम ने रक्त संग्रहण किया। सभी रक्तदाताओं को उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। रक्तदान के दौरान उत्साह व उमंग ऐसी रही कि 59 पूर्व छात्रों ने अलग-अलग रक्त समूहों का रक्तदान कर अपना संकल्प और प्रतिबद्धता जाहिर की। स्वयं के जो साथी रक्तदान में नहीं आ सके, उन्होंने अगली बार रक्तदान का संकल्प किया। स्कूल के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर विद्यालय भवन को ऐसी आकर्षक विद्युत सज्जा से रोशन किया किया देखने वालों क आंखें ठहर गईं। उत्सव की भावना और स्कूल की संस्कार के आभामंडल ने इसमें और अधिक चार चांद लगा दिए। स्लाइड करते हुए कृपया सभी फोटो देखें स्लाइड करते हुए कृपया सभी फोटो देखें दोपहर में ‘अपनों से अपनी बात’ कार्यक्रम के दौरान माहौल और भी भावुक हो गया। पूर्व छात्रों ने खुलकर मन की बात साझा की, बीते पलों की मधुर स्मृतियों को छूते हुए सबकी आंखें भर आईं। डॉ. प्रशांत अग्रवाल और डॉ. कमल किशोर पोरवाल जैसे वरिष्ठ पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव सुनाए, स्कूल के बदलते स्वरूप के बीच अटल जीवन मूल्यों की सराहना की। पूर्व छा़त्रों ने कहा कि वे दुनिया में कहीं भी चले जाएं, किसी भी उपलब्धि को हासिल कर लें मगर अपने स्कूल के लिए वे हमेशा बच्चे ही रहेंगे। ज्ञान मंदिर के संस्कारों की अमिट छाप और जीवन मूल्यों की विरासत आज बरसों बाद भी उनके जीवन को पुष्पित व पल्लवित कर रही है। इस अवसर पर 1994 बैच की ओर से स्कूल परिसर में नवनिर्मित वॉशरूम का उद्घाटन भी किया गया। नरेंद्र आमेटा ने बताया कि यह सत्र बेहद आत्मीय रहा जिसमें स्कूल को प्रमोट करने और उसकी भौतिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में गहन चर्चा की गई।शाम 5 से 7 बजे तक सांस्कृतिक संध्या ने यादों को सुरों में पिरोया। मंच पर मुख्य अतिथि ज्ञान मंदिर समिति के अध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा मौजूद रहे। डॉ. ज्योत्सना शर्मा इंद्रेश ने विशिष्ट अतिथि पद की शोभा बढ़ाई। ज्योत्सना दीदी का स्वयं कार्यकारिणी की ओर से विशेष सम्मान भी किया गया। सम्मानित अतिथि पूर्व छात्र मनीष गांगा का भी सम्मान किया गया। प्रमोद झंवर भी अतिथि के रूप में मौजूद थे।कार्यक्रमों का संचालन डॉ. कुंजन आचार्य ने किया, जबकि प्रिंसिपल लीला पालीवाल ने विद्यालय की प्रगति और परिणामों की जानकारी साझा की। आशा वडेरा दीदी ने सभी का आभार व्यक्त किया। सभी गुरूजनों हंसा दीदी, गोपालजी गुरूजी, चंद्रकला पोखरना दीदी सहित अन्य शिक्षकगण मंच पर मौजूद थे। हर किसी की आंखों में अपने छात्रों की सफलता देख गर्व और स्नेह की चमक थी।विदेश में बसे पूर्व छात्रों के लिए लाइव लिंक के ज़रिये कार्यक्रम से जुड़ने की व्यवस्था की गई थी। निरंजन आमेटा, ओमप्रकाश दूबे और प्रवीण अग्रवाल ने इस डिजिटल प्रयास की कमान संभाली। अमेरिका, कनाडा, यूरोप, खाड़ी देशों और ऑस्ट्रेलिया से जुड़े स्कूल के पूर्व छात्रों ने न केवल कार्यक्रम देखा, बल्कि लाइव कमेंट्स में ऐसी भागीदारी की मानों सब यहीं उपस्थित हों। कार्यक्रम का अंत स्नेहभोज से हुआ।पूरे आयोजन में कोई भी प्रायोजक नहीं था । आयोजन पूर्णतः पूर्व छात्रों के समर्पण और संसाधनों से साकार हुआ। आपको याद दिला दें कि इससे पूर्व 31 मई को कॅरियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया था, जिसमें 10वीं से 12वीं तक के पासआउट छात्रों ने भाग लिया और प्रोफेशनल्स से मार्गदर्शन प्राप्त किया।स्वयं के शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में देशभर से करीब 350 पूर्व छात्र शामिल हुए, जिनमें कई मुंबई, पुणे, अहमदाबाद जैसे महानगरों से आए। कार्यक्रम का समापन अगले वर्ष हीरक जयंती को धूमधाम से मनाने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें स्कूल को अधिक आकर्षक, सुसज्जित और सुविधायुक्त बनाने का वादा किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 27 को इस्कॉन मंदिर उदयपुर में निकलेगी भगवान जगन्नाथ रथयात्रा, तैयारियां शुरू “सूखते गांव की गाथा” ने जीता राष्ट्रीय मंच, सेंट एंथनी स्कूल उदयपुर को मिली 4 राष्ट्रीय श्रेणियों में जीत