24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर की 65वीं प्रबंध मंडल बैठक मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासनिक कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने की। इस अवसर पर डॉ. सुरेश धाकड़ (विधायक, बेगूं-चित्तौड़गढ़), डॉ. सुरेन्द्र कोठारी, श्री सुहास मनोहर, डॉ. वी.डी. मुदगल, डॉ. कविता जोशी, डॉ. अरविन्द वर्मा, डॉ. लोकेश गुप्ता और कुलसचिव डॉ. बी.डी. कुमावत मौजूद रहे।
एनआईआरएफ में प्रथम रैंकिंग पर गर्व
बैठक में कुलपति डॉ. कर्नाटक ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (छप्त्थ्) में एमपीयूएटी ने राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विश्वविद्यालय के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों से विश्वविद्यालय ने 83 अंक का स्कोपस इंडेक्स और 81 का गूगल एच-इंडेक्स हासिल किया है।
उल्लेखनीय उपलब्धियां
कुलपति ने कहा कि एमपीयूएटी को राज्यपाल महोदय के स्मार्ट विलेज इनिशिएटिव में लगातार अनेक वर्षों से कुलाधिपति सम्मान मिल रहा है। पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने 43 पेटेंट कराए हैं और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ 33 समझौता ज्ञापन (डवन्) किए हैं। यह उपलब्धियां विश्वविद्यालय के अनुसंधान और नवाचार क्षमता की गवाही देती हैं।
सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता
डॉ. कर्नाटक ने कहा कि विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचारों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के अपने गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाते हुए, माननीय प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने हेतु सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में अनुसंधान निदेशक डॉ. अरविन्द वर्मा ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। यह जानकारी डॉ. जी.एल. मीना, मीडिया प्रकोष्ठ एवं जनसंपर्क अधिकारी ने दी।
एमपीयूएटी प्रबंध मंडल की बैठक, विश्वविद्यालय से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा

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