24 News Update उदयपुर। ओसवाल सभा उदयपुर की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र कोठारी की अध्यक्षता में ओसवाल भवन, मुखर्जी चौक में आयोजित हुई। सह सचिव मनीष नागोरी ने बताया कि बैठक में भवन के निर्माण कार्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर दरवाजे, खिड़कियां, फाटक और फर्नीचर बनवाने के साथ ही पुराने भवन के रंग-रोगन संबंधी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस दौरान सभी सदस्यों ने निर्माण कार्य का अवलोकन भी किया।बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार, 29 सितम्बर को नवरात्रि के अवसर पर ओसवाल सभा परिसर में कुलदेवी ओसिया माता मंदिर के निर्माण हेतु शिलान्यास किया जाएगा। वहीं, आम साधारण सभा का आयोजन रविवार, 2 नवम्बर 2025 को होगा। इस अवसर पर नवनिर्मित कार्यालय कक्ष, मुख्य द्वार, बैठक हाल एवं रेस्ट रूम का लोकार्पण भी किया जाएगा। सभा ने 21 दिसम्बर को स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया, जिसमें 10वीं व 12वीं कक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं, साथ ही IAS, RAS, IPS, IIT, IIM, RJS, MBBS में चयनित तथा CA-CS पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों और राष्ट्रीय स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।बैठक में यह भी तय किया गया कि ओसवाल सभा के आगामी चुनाव 11 जनवरी 2026 को संपन्न होंगे।बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. तुक्तक भाणावत, सचिव आनंदीलाल बंबोरिया, कोषाध्यक्ष फतेह लाल मेहता, भंडार संरक्षक फतेह लाल कोठारी सहित अशोक कुमार मेहता, करण मल जारौली, नवरत्न सिंह कोठारी, धीरज भाणावत, करण सिंह कटारिया, हेमन्त दक, किरण पोखरना, डॉ. प्रमिला जैन, वंदना जैन, सुमन कोठारी और अनीता गांधी आदि सदस्य मौजूद रहे। बैठक का समापन अल्पाहार के साथ हुआ। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राज्यपाल से दूसरी बार मिली पीड़िताएं-परिवाद पर पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई, 9 महीन से विश्वविद्यालय ने नहीं दिया वेतन, न जांच ना कोई राहत!! एसएफएबी कर्मचारियों ने भी रखी समस्याएं बौद्धिक सम्पदा का संरक्षण, भारतीय प्राचीन ज्ञान का समावेश और किसानों तक उसका लाभ पहुँचाना ही विश्वविद्यालय का उद्देश्य : राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े