24 News Update उदयपुर। माता वैष्णो देवी मंदिर (नाथद्वारा रोड) स्थित परिसर में नवरात्रा पर्व के अवसर पर नौ दिनों तक निरंतर औषधीय हवन का आयोजन किया गया। इस दिव्य अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की बढ़ती रुचि को देखते हुए अब यह हवन प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
आयुर्वेद आचार्य शोभालाल औधिच्य ने बताया कि इस विशेष हवन में लगभग 70 प्रकार की औषधियों की आहुति दी गई। हवन से उत्पन्न औषधीय धुनी को श्रद्धालुओं द्वारा श्वास के माध्यम से ग्रहण किया गया, जिससे शरीर में औषधीय तत्वों का प्रभाव पड़ा। उन्होंने बताया कि इस विधि से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में लाभ देखा गया है, वहीं निःसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति में भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
आचार्य औधिच्य ने कहा कि औषधीय हवन का उल्लेख प्राचीन आयुर्वेद ग्रंथों और शास्त्रों में भी मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, यह हवन शरीर की नाड़ियों को शुद्ध करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और मानसिक तनाव को दूर करता है।
समाजसेवी हरीश राजानी ने बताया कि नवरात्रों के नौ दिनों तक इस हवन में भाग लेने से उन्हें मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और शारीरिक स्फूर्ति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि हवन के दौरान मंदिर परिसर में व्याप्त औषधीय सुगंध से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहा। श्रद्धालुओं की मांग पर अब यह आयोजन प्रत्येक रविवार को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
मंदिर प्रबंधन समिति के प्रमुख सुनील खत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता और लाभ को देखते हुए यह औषधीय हवन हर रविवार सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
मंदिर मुखिया खत्री ने कहा कि “हवन स्थल पर जितनी देर तक व्यक्ति बैठता है, उतना अधिक लाभ उसे प्राप्त होता है, क्योंकि शरीर अधिक मात्रा में औषधीय धुनी को ग्रहण करता है। यह पारंपरिक भारतीय विधि आज भी आधुनिक चिकित्सा का पूरक बनकर चमत्कारिक परिणाम दे रही है।”
कैंसर और निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान साबित हो रहा औषधीय हवन, नवरात्रों के दौरान हुआ आयोजन अब हर रविवार नियमित रूप से होगा

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