24 News Update जयपुर। तृतीय श्रेणी शिक्षक सीधी भर्ती परीक्षा–2022 में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए ताइक्वांडो खेल के फर्जी प्रमाण-पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के इस्तेमाल का बड़ा मामला सामने आया है। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राज्यभर में व्यापक कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से अभ्यर्थियों को कथित रूप से फर्जी खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए, ताकि वे उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे का लाभ उठाकर सरकारी सेवा में प्रवेश पा सकें।एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी ने 19 अभ्यर्थियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जिन्होंने कथित रूप से फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र और फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक भर्ती में लाभ लेने का प्रयास किया। 14 जिलों और हरियाणा में एक साथ छापेमारीएसओजी के अनुसार 12 मार्च 2026 को राजस्थान के 14 जिलों तथा हरियाणा में एक स्थान पर एक साथ सामूहिक रेड की गई। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान इस फर्जीवाड़े में शामिल 19 अभ्यर्थियों तथा एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला हुआ था और खेल प्रमाण-पत्रों के नाम पर भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा था। जांच में सामने आया फर्जी ईमेल और सत्यापन का खेलएडीजी विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी द्वारा पेपर लीक माफिया तथा भर्ती प्रक्रियाओं में अनुचित साधनों के उपयोग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उपमहानिरीक्षक पुलिस परिस अनिल देशमुख के नेतृत्व में एसओजी की अनुसंधान टीम इस मामले की जांच कर रही थी।जांच के दौरान एक मुलाजिम के मोबाइल फोन में ताइक्वांडो फेडरेशन के नाम से भेजे गए एक ई-मेल का स्क्रीनशॉट मिला, जिसमें 39 अभ्यर्थियों के खेल प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजे जाने का उल्लेख था।जब इस ई-मेल का बारीकी से परीक्षण किया गया तो उसमें “Secretary” शब्द की स्पेलिंग गलत पाई गई। इतनी बड़ी राष्ट्रीय फेडरेशन के आधिकारिक ई-मेल में ऐसी त्रुटि मिलने से एसओजी को संदेह हुआ कि यह ई-मेल फर्जी हो सकता है। दुबई से बनाई गई फर्जी ईमेल आईडी का खुलासाएसओजी ने संदिग्ध ई-मेल की तकनीकी जांच करते हुए जीमेल को पत्र लिखकर उस ई-मेल आईडी के निर्माण और उपयोग से संबंधित जानकारी मांगी। साथ ही ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया से पत्राचार कर उनकी कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों की सूची भी प्राप्त की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि जिस ई-मेल आईडी से सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी, वह फर्जी थी और उसे दुबई से तैयार किया गया था। दलालों का नेटवर्क भी आया सामनेप्रारंभिक अनुसंधान में यह भी सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों को कथित दलालों द्वारा मोटी रकम लेकर फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए थे। इस मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनमें ओमप्रकाश महला (सीकर), वेदप्रकाश पालीवाल (बोहरों का बास, तहसील बाप, जिला फलौदी), योगेन्द्र कुमार (पीटीआई), वर्तमान पदस्थापन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पंडेर, जहाजपुर, रघुवीर चौधरी (भाटों का बास, दुधिया, जोधपुर) तथा सतीश डुल (रोहतक, हरियाणा) शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन सभी व्यक्तियों की भूमिका और उनके संपर्कों की कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणएसओजी द्वारा इस मामले में गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में निम्न नाम शामिल हैं— बबीता जाखड़ पुत्री हरकाराम, उम्र 32 वर्ष, निवासी सुजानगढ़, जिला चूरू, ज्योतिरादित्य पुत्र नरपत सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी जहाजपुर, जिला भीलवाड़ा सीमा पत्नी अनिल कुमार, निवासी झुंझुनूं कविता भींचर, निवासी सीकर बसंती कुम्हार, निवासी खोराबिसल, जिला जयपुर ममता कुमारी, निवासी सवाई माधोपुर, नरेंद्र बिदियासर, निवासी नागौर, मुमताज, निवासी नागौर, भंवरलाल, निवासी जालोर, कविता, निवासी जोधपुर एकता थालोर, निवासी चूरू योगेन्द्र कुमार, निवासी हनुमानगढ़ शिवकरण, निवासी श्रीगंगानगर मांगीलाल, निवासी बीकानेर भलाराम, निवासी बालोतरा भजनलाल, निवासी जालोर सुनील पालीवाल, निवासी फलौदी महेन्द्र पालीवाल, निवासी फलौदी दुर्गाप्रसाद, निवासी फलौदी गजानंद प्रजापत, निवासी जयपुर जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी गजानंद प्रजापत ने अपनी पत्नी बसंती उर्फ बंटी प्रजापत के लिए दलाल को रुपये देकर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र प्राप्त कराया और उसके आधार पर खेल कोटे से ऑनलाइन आवेदन करवाया गया। पैसे की डील और भुगतान के तरीकों की जांचएसओजी अब यह भी जांच कर रही है कि अभ्यर्थियों और दलालों के बीच फर्जी खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के लिए कितनी राशि तय हुई थी और भुगतान किस माध्यम से किया गया। इसके लिए बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।सत्यापन ईमेल की कड़ी भी जांच के घेरे मेंजांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा भेजा गया सत्यापन संबंधी ई-मेल ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद (झारखंड) से किस पदाधिकारी या कर्मचारी के माध्यम से गिरफ्तार आरोपी विमलेंदु कुमार झा तक पहुँचा। यह भी जांच का विषय है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में फेडरेशन के भीतर से किसी स्तर पर सहयोग मिला था या नहीं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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