24 News Update बाड़मेर। रेगिस्तान में बहने वाली लूणी नदी एक बार फिर जीवनदायिनी बनकर लौटी है। लगातार बारिश के बाद गुरुवार सुबह जैसे ही लूणी नदी का पानी बालोतरा और उसके आसपास के गांवों में पहुंचा, ग्रामीणों में उल्लास की लहर दौड़ गई। सुराणा, सराणा और जानियाना गांवों में लोगों ने ढोल-थाली बजाई, मंगल गीत गाए, लोकनृत्य किया और नदी को चुनरी ओढ़ाकर पूजन किया।बालोतरा शहर में सुबह 8 बजे लूणी नदी पहुंची। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नारियल चढ़ाकर श्रद्धालुओं ने नदी का स्वागत किया। छतरियों का मोर्चा, हरिदास सर्किल और वृंदावन पार्क के पास भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने चौपाटी जैसे माहौल में नदी के दर्शन किए।लूणी का बहाव डेढ़ फीट तक, फिर भी खुश किसानइस बार मानसून की सक्रियता के चलते पाली और जालोर में अच्छी बारिश हुई, जिससे सुकड़ी और बांडी नदियों से होते हुए लूणी में पानी आया है। हालांकि बीते दो दिनों से बारिश थमी हुई है, जिस कारण अभी नदी में करीब डेढ़ फीट बहाव है। फिर भी किसानों में उम्मीदें जगी हैं। उनका कहना है कि यदि 15-20 दिन नदी बहती रही तो आने वाले तीन-चार वर्षों तक कृषि कुओं में सिंचाई लायक पानी रहेगा।11 वर्षों में 7 बार आई नदी, सुधरा जलस्तरसाल 2015, 2016, 2017, 2019, 2023, 2024 और अब 2025— इन सात वर्षों में लूणी नदी बहती रही है। इससे कृषि कुएं रिचार्ज हुए, जलस्तर बढ़ा और पानी की लवणीयता में भी कमी आई। पहले जहां रासायनिक पानी के चलते कुएं बेकार हो चुके थे, वहां अब रबी की बुवाई के साथ बागवानी भी शुरू हो गई है।मरुगंगा के स्वागत में फूल, नमन और नृत्यसुराणा गांव में ग्रामीणों ने ढोल-थाली के साथ ‘मरुगंगा’ लूणी का स्वागत किया। महिलाएं मंगल गीत गाती रहीं, पुरुष नृत्य करते रहे। पुष्प अर्पित किए गए, अर्घ्य दिया गया और फिर नदी को चुनरी ओढ़ाई गई। कई स्थानों पर लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नारियल चढ़ाकर नदी के आगे नतमस्तक हो पूजा-अर्चना की।VIDEO में दिखा उत्सव का नजारावायरल हो रहे वीडियो में दिखा कि जैसे ही लूणी बहती हुई शहर में दाखिल हुई, लोग तालियां बजाते, नाचते-गाते उसके स्वागत में जुट गए। ढोल की थाप पर महिलाएं लोकगीतों पर झूम उठीं। कई परिवार सुबह से ही घाटों पर डटे हुए थे।आगे बढ़ सकता है बहावमौसम विभाग ने 18 और 19 जुलाई को फिर से भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि पाली-जालोर में और बारिश होती है, तो लूणी नदी का बहाव और तेज हो सकता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कोटा में बनेगा देश का सबसे ऊंचा रावण, 215 फीट पुतले से बनाएंगे वर्ल्ड रिकॉर्ड, चेहरा अंबाला में तैयार, धड़ कोटा में, 44 लाख रुपए में दिया ठेका सार्वजनिक निर्माण विभाग के द्वारा 30 करोड़ की लागत से बना शाहपुरा बाईपास भ्रष्टाचार व गुणवत्ता के सवाल खड़े करता