24 News Update डूंगरपुर। डूंगरपुर में पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता उस वक्त कठघरे में आ गई, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने दोवड़ा थाने के एक हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल को रिश्वत के जाल में दबोच लिया। मामला किसी मामूली लेन-देन का नहीं, बल्कि एक ऐसे कथित समझौते का है, जिसमें एफआईआर दर्ज न करने के बदले मोटी रकम तय की गई थी।एसीबी की कार्रवाई में हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार पाटीदार और कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार को 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। हालांकि, दोनों पुलिसकर्मी रकम लेकर मौके से फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में आसपुर रोड पर एक होटल के पास से गिरफ्तार किया गया। रिश्वत की राशि फिलहाल बरामद नहीं हो सकी है।खाकी वर्दी में रिश्वतखोरमामले की शुरुआत 18 जनवरी को हुई, जब एक युवक ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार, नयागांव क्षेत्र में खड़े होने के दौरान दोवड़ा थाने की पुलिस गाड़ी वहां आकर रुकी। बहाने से नाम-पता पूछा गया, मोबाइल फोन लिया गया और उसी मोबाइल के आधार पर उसे ऑनलाइन गेम के जरिए ठगी में लिप्त बताया गया।शिकायत में बताया गया कि पुलिसकर्मी ने मोबाइल में लेन-देन का हवाला देते हुए उसे गाड़ी में बैठाया और थाने ले जाने की बात कही। रास्ते में खुद को कॉन्स्टेबल प्रकाश पाटीदार बताकर कहा गया कि अगर मामला दर्ज हुआ तो जिंदगी खराब हो जाएगी। 2 लाख नहीं दोगे तो केस कर देंगेपरिवादी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दो लाख रुपये की मांग रखी और कहा कि रकम देने पर न एफआईआर दर्ज होगी, न मोबाइल जब्त किया जाएगा। कई दिनों तक बातचीत चलती रही। बाद में रकम घटाकर डेढ़ लाख रुपये पर सौदा तय हुआ। एसीबी ने शिकायत की सत्यता जांची, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद बुधवार रात ट्रैप की कार्रवाई की गई। तय योजना के तहत परिवादी को रकम के साथ भेजा गया। पैसे कार के डैशबोर्ड पर रखवाए गए और उसे रास्ते में उतार दिया गया। फिल्मी अंदाज में फरारी, फिर गिरफ्तारीजैसे ही एसीबी को इशारा मिला, टीम हरकत में आई। लेकिन तब तक आरोपी पुलिसकर्मी कार लेकर फरार हो चुके थे। देर रात तक तलाश के बाद उन्हें पुनाली के आगे एक होटल के पास दबोच लिया गया। तलाशी में रिश्वत की रकम नहीं मिली, जिससे जांच की दिशा अब बरामदगी और पूछताछ पर टिक गई है। सिस्टम पर गहराता सवालइस पूरे प्रकरण ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या थानों में कानून अब भी न्याय का औजार है या डर दिखाकर सौदेबाजी का जरिया बनता जा रहा है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और रिश्वत की राशि जल्द बरामद की जाएगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation डूंगरपुर में शीतलहर के चलते कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों के लिए 3 दिन का अवकाश, जिला कलक्टर ने आदेश जारी किया डेढ़ लाख की रिश्वत का पैसा कर दिया गायब, कोर्ट ने एक दिन के रिमांड पर भेजा