24 न्यूज अपडेट, स्टेट डेस्क। राजस्थान में होमगार्ड विभाग में खाओ खिलाओ संस्कृति वाला भ्रष्टाचार किस हद तक हावी हो चुका है, इसका शर्मनाक उदाहरण राजधानी जयपुर में सामने आया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने 7 जुलाई को होमगार्ड के कमांडेंट नवनीत जोशी और कंपनी कमांडर चंद्रपाल सिंह को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी ने उस सड़े-गले तंत्र की परतें उधेड़ दी हैं, जिसमें होमगार्ड जवानों को उनकी वर्दी वाली ड्यूटी के लिए हर माह बंधी देनी पड़ती है। आज इस पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं व लोग पूछ रहे हैं कि कहीं आपके शहर में तो ऐसा नहीं हो रहा। राजस्थान होमगार्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष झलकन सिंह ने बताया कि यह समस्या पूरे प्रदेश में फैली हुई है, और यही कारण है कि होमगार्ड जवान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। “नवीनीकरण, ड्यूटी तय करने या तबादले तक हर जगह पैसा मांगा जाता है। कई बार शिकायतें मुख्यालय तक जाती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता,”वर्दी की ड्यूटी के लिए अफसरों को देनी पड़ती थी ’बंधी’जवानों ने बताया कि अगर उन्हें रात्रि गश्त, ट्रैफिक या पुलिस के साथ वर्दी वाली ड्यूटी चाहिए तो हर माह 1,000 से 2,000 रुपए तक की रिश्वत देनी पड़ती थी। इस ड्यूटी पर उन्हें अतिरिक्त 3,000 रुपए मिलते हैं, जो भ्रष्ट अफसरों की नजर में ’कमाई का मौका’ बन चुका था। जो जवान पैसा नहीं देते, उन्हें वर्दी हटाकर अफसरों के घरों या सचिवालय जैसी जगहों पर लगा दिया जाता, जिससे उनका आर्थिक नुकसान होता।निजी काम में लगाते थे होमगार्ड, पैसा तक नहीं देते थेकमांडेंट नवनीत जोशी पर आरोप है कि वह होमगार्ड जवानों को अपने निजी कामों में लगाता था, और उन्हें उसका कोई मेहनताना भी नहीं देता था। शिकायत के अनुसार, पहले कंपनी कमांडर चंद्रपाल के जरिए पैसा लिया जाता था, लेकिन बीते कुछ माह से नवनीत जोशी ने खुद ऑफिस बुलाकर वसूली शुरू कर दी थी।वर्दी पहना दी, अब वसूली करो -यही थी सोचजवानों ने बताया कि इन अधिकारियों की सोच ही भ्रष्ट थी। उनका मानना था कि वर्दी पहनने वाला जवान गश्त और ट्रैफिक ड्यूटी में ’अच्छी कमाई’ करता है, इसलिए उससे वसूली करनी जायज है। कई बार जवानों को मजबूर किया गया कि वे चाहे जिस भी तरीके से हों, पैसा लाकर देंकृवरना खुद की सैलरी से रिश्वत चुकाओ।सिस्टम की चुप्पी से जवानों की ज़िंदगी बर्बादसबसे गंभीर बात यह है कि नवनीत जोशी के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।सवाल बड़ा है कि क्या राजस्थान का सिस्टम सुधरेगा?एक तरफ सरकार सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण और मनोबल की बातें करती है, वहीं दूसरी तरफ वही जवान दृ जो हर मौसम, हर हालात में ड्यूटी निभाते हैं दृ उन्हें अपनी ही वर्दी के लिए रिश्वत देनी पड़ती है।एसीबी जयपुर में जो कार्रवाई की है, वह आइसबर्ग का सिरा मात्र है। जरूरत है कि ऐसी कार्रवाई हर जिले में हो, और सिस्टम की गंदगी को जड़ से उखाड़ा जाए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि, राष्ट्र की एकता के लिए बलिदान को किया याद कल 25 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर, बैंक-डाकघर से लेकर परिवहन तक ठप रहने की आशंका