24 News Update उदयपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उदयपुर के 18 वर्षीय लक्षित परमार ने सेरेब्रल पाल्सी जैसी शारीरिक चुनौती के बावजूद राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की कक्षा 10वीं परीक्षा की दिव्यांग श्रेणी में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। लक्षित, जो स्वयं अपना नाम लिखने में भी असमर्थ हैं, ने परीक्षा एक राइटर (सहायक लेखक) की सहायता से दी। सीमित शारीरिक क्षमताओं के बावजूद उन्होंने लेटे-लेटे ऑनलाइन अध्ययन कर अपनी पढ़ाई जारी रखी और असाधारण एकाग्रता के बल पर यह सफलता अर्जित की।
उदयपुर के एक निजी विद्यालय में अध्ययनरत लक्षित का लक्ष्य सिविल सेवा में चयनित होकर प्रशासनिक अधिकारी बनना है। वे भविष्य में समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं। लक्षित की इस उपलब्धि के पीछे उनके पिता दिनेश कुमार एवं माता रेखा परमार का सतत सहयोग और संघर्ष महत्वपूर्ण रहा है। परिवार के सहयोग एवं मार्गदर्शन ने उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों के अनुसार लक्षित की स्मरण शक्ति अत्यंत तीव्र है तथा अध्ययन के प्रति उनकी जिज्ञासा उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग बनाती है। वे नियमित रूप से प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन करते हैं, जिनमें ‘एटॉमिक हैबिट्स’ जैसी पुस्तकें शामिल हैं।
सेरेब्रल पाल्सी से जूझते लक्षित परमार ने रचा इतिहास, RBSE 10वीं दिव्यांग श्रेणी में 100% अंक

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