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IPMAT इंदौर 2026 परीक्षा संपन्न, क्वांटिटेटिव MCQ सेक्शन रहा सबसे चुनौतीपूर्ण

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24 News Update उदयपुर/इंदौर, 4 मई 2026। देश की प्रतिष्ठित प्रबंधन प्रवेश परीक्षा IPMAT इंदौर 2026 रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह परीक्षा IIM इंदौर सहित देश के कई शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश का प्रमुख माध्यम मानी जाती है। IPMAT के जरिए छात्रों को Indian Institute of Management Indore, Indian Institute of Management Ranchi, Indian Institute of Management Sirmaur, Indian Institute of Management Sambalpur, Indian Institute of Management Amritsar, Indian Institute of Management Shillong तथा Indian Institute of Foreign Trade जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश का अवसर मिलता है।
एमडीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल और द रेडियंट एकेडमी के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र सोमानी तथा द रेडियंट एकेडमी के प्रबंधन विभाग प्रमुख प्रियांक पालीवाल के अनुसार इस वर्ष परीक्षा का स्तर मध्यम (Moderate) रहा, हालांकि क्वांटिटेटिव एबिलिटी (MCQ) सेक्शन ने छात्रों की अच्छी परीक्षा ली।
विशेषज्ञों के अनुसार क्वांटिटेटिव एबिलिटी (लघु उत्तरीय) खंड आसान से मध्यम स्तर का था, जिससे छात्रों को बेहतर स्कोरिंग का मौका मिला। वहीं क्वांटिटेटिव एबिलिटी (MCQ) सेक्शन सबसे कठिन रहा। इसमें बीजगणित, लघुगणक, प्रायिकता और ज्यामिति से जुड़े प्रश्नों ने छात्रों की गति और सटीकता दोनों को चुनौती दी।
वर्बल एबिलिटी सेक्शन अपेक्षाकृत आसान रहा, लेकिन प्रश्नों की संख्या अधिक होने से समय प्रबंधन छात्रों के लिए अहम साबित हुआ।
डॉ. शैलेन्द्र सोमानी ने कहा कि “IPMAT जैसी परीक्षाएं केवल अकादमिक ज्ञान नहीं, बल्कि दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता का भी मूल्यांकन करती हैं। इस वर्ष के प्रश्नपत्र ने यह स्पष्ट कर दिया कि सफलता के लिए कम से कम 1 से 2 वर्षों की नियमित और निरंतर तैयारी आवश्यक है।”
वहीं प्रियांक पालीवाल के अनुसार क्वांटिटेटिव MCQ सेक्शन की कठिनाई के कारण इस वर्ष समग्र कट-ऑफ में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने सटीकता (Accuracy) पर ध्यान केंद्रित किया, उन्हें इस बार बढ़त मिलने की संभावना है। वर्बल एबिलिटी सेक्शन ने प्रश्नपत्र में संतुलन बनाए रखने का कार्य किया।
उदयपुर परीक्षा केंद्र पर करीब 110 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही और कोटा सहित विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थी शामिल थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि IPMAT इंदौर 2026 ने एक बार फिर साबित किया है कि शीर्ष प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश के लिए केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि रणनीतिक तैयारी, बेहतर समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की असली कुंजी है।

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