Site icon 24 News Update

वाणिज्य महाविद्यालय में निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को दी वित्तीय निवेश की जानकारी

Advertisements

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संघटक वाणिज्य एवं प्रबंधन अध्ययन महाविद्यालय और क्रिशा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए निवेशक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को निवेश के प्रति जागरूक करना और वित्तीय साक्षरता बढ़ाना था।

इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. शूरवीर सिंह भाणावत ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में जेन-जी के निवेश पैटर्न में काफी बदलाव आया है। आज की युवा पीढ़ी क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार में अंशों के माध्यम से निवेश को प्राथमिकता दे रही है, जबकि पुरानी पीढ़ी सोना और जमीन में निवेश को अधिक सुरक्षित मानती रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को निवेश के मूल सिद्धांतों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि वे सट्टा और निवेश के बीच अंतर समझ सकें और पोंजी स्कीम जैसी धोखाधड़ी से बच सकें।

कार्यक्रम समन्वयक एवं लेखांकन एवं व्यवसायिक सांख्यिकी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पारुल दशोरा ने बताया कि कार्यक्रम में 45 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को डीमैट अकाउंट, म्यूचुअल फंड तथा निवेश से पहले कंपनियों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेबी के इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी के तहत गुरु नानक कॉलेज के प्राचार्य एवं फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के पूर्व निदेशक प्रो. अनिल कोठारी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को निवेश के विभिन्न विकल्पों, उससे जुड़े जोखिम और अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कई बार कंपनियों द्वारा घोषित लाभांश अंशधारकों तक नहीं पहुंच पाता, ऐसी राशि सात वर्ष बाद इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड में स्थानांतरित कर दी जाती है। इसी निधि से सरकार निवेशकों को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक इस फंड में लगभग 5774 करोड़ रुपये की राशि शेष है।

उल्लेखनीय है कि क्रिशा फाउंडेशन एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट है, जो वित्तीय साक्षरता, निवेशक शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता है। कार्यक्रम में सह-अधिष्ठाता डॉ. शिल्पा वर्डिया और डॉ. आशा शर्मा भी उपस्थित रहीं। अंत में डॉ. पारुल दशोरा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Exit mobile version