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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: उत्तर पश्चिम रेलवे की महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

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24 न्यूज अपडेट, जयपुर।  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे ने महिला सशक्तिकरण और महिला यात्रियों की सुविधाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रेलवे में कार्यरत महिला कर्मियों की महत्वपूर्ण भागीदारी से नारी शक्ति से विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो रही है।ी है।

उत्तर पश्चिम रेलवे में वर्तमान में 2,892 महिला कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। ये महिलाएं स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, ट्रैक मेंटेनर, डीजल शेड और वर्कशॉप में इंजीनियर और खलासी, रेलवे सुरक्षा बल, टीटीई, नर्सिंग स्टाफ, चिकित्सक और गार्ड जैसे पदों पर अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं। इसके अलावा, रेलवे में कार्यरत महिला खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं।

रेलवे में लोको पायलट का कार्य सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जिसमें अत्यधिक सतर्कता और मुस्तैदी की आवश्यकता होती है। उत्तर पश्चिम रेलवे में 35 महिलाएं इस चुनौतीपूर्ण पद पर कार्यरत हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। इसी तरह, ट्रैक मेंटेनर के रूप में 199, पॉइंट्समैन के रूप में 138, स्टेशन मास्टर के रूप में 66 और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) के रूप में 15 महिला कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रही हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे में महिला कर्मचारियों की संख्या

पद का नाम

महिला कर्मचारी

लोको पायलट

35

ट्रैक मेंटेनर

199

पॉइंट्समैन

138

स्टेशन मास्टर

66

ट्रेन मैनेजर (गार्ड)

15

रेलवे सुरक्षा बल

228

कुल महिला कर्मचारी

2,892

महिला सुरक्षा के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में महिला बटालियनों की स्थापना की है। वर्तमान में 228 महिला सुरक्षाकर्मी कार्यरत हैं, जो ‘मेरी सहेली’ अभियान के तहत महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे की एक और ऐतिहासिक पहल के तहत, गांधीनगर जयपुर स्टेशन को 19 फरवरी 2018 को पूर्णतः महिला संचालित स्टेशन घोषित किया गया था। यह भारतीय रेलवे का पहला गैर-उपनगरीय स्टेशन है, जहां सभी प्रमुख पदों पर महिलाएं तैनात हैं। इस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से लेकर टिकट कलेक्टर और रेलवे सुरक्षा बल तक की कमान महिलाओं के हाथों में है। यहां कार्यरत महिला कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।

महिला रेलकर्मियों के लिए रेलवे द्वारा कार्यस्थल पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर के लिए पृथक रनिंग रूम सुविधा, कार्यालयों में अलग लंच रूम, सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इंसीनरेटर मशीन और छोटे बच्चों की देखभाल के लिए क्रेच सुविधा प्रदान की जा रही है।

महिला यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं:

आरक्षित कोचों में विशेष महिला सुरक्षा बल की तैनाती।

प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर महिला प्रतीक्षालय और विश्राम कक्ष की सुविधा।

महिला यात्रियों के लिए आरक्षित कोचों में निगरानी और सहायता हेतु विशेष दल की तैनाती।

रात के समय यात्रा कर रही महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ‘मेरी सहेली’ अभियान का संचालन।

उत्तर पश्चिम रेलवे महिला यात्रियों और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में अपनी सेवाओं का विस्तार करता रहेगा।

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