24 News Update उदयपुर। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की संघटक इकाई भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शनिवार को गरिमामय समापन हुआ। महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित इस संगोष्ठी का विषय “बायोटेक्नोलॉजी एट द नेक्सस ऑफ हेल्थ, इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर एंड सस्टेनेबिलिटी” रखा गया, जिसमें विज्ञान और तकनीक के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. रेणू राठौड़ और सह-अधिष्ठाता प्रो. रितु तोमर ने संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने शोधपरक व्याख्यान प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ताओं में प्रो. ए. एम. देशमुख (प्रेसिडेंट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया), डॉ. हेतल पटेल (सीनियर डायरेक्टर, स्टाइलस मेडिसिन, बोस्टन, यूएसए), डॉ. भावेश पटेल (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, लेंगोन हॉस्पिटल, न्यूयॉर्क), डॉ. कृतिका निगम (ग्रेजुएट स्टूडेंट कंसल्टेंट्स रेड टीम, इरविन, कैलिफोर्निया, यूएसए) तथा डॉ. नाजिमा शामिल रहे। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि क्षेत्र में बायोटेक्नोलॉजी की उपयोगिता तथा सतत विकास में इसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन कर्नल प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत, भूपाल नोबल्स संस्थान के मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह राठौड़, प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड़, विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. चेतन सिंह राठौड़ तथा कुलसचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह राठौड़ ने अपने संदेश में आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां शोधार्थियों को नए दृष्टिकोण और अनुसंधान के अवसर प्रदान करती हैं, जो भविष्य में वैज्ञानिक विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी।
विभागाध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा राठौड़ ने दो दिवसीय संगोष्ठी का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से आए 45 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए और संगोष्ठी से जुड़े अनुभव साझा किए। ओरल प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। इसमें दिव्या पारीक ने प्रथम, मीनल बाघेल ने द्वितीय और श्रद्धा देहूरे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना मेहता ने किया, जबकि आयोजन सह-सचिव डॉ. विपिन नागदा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी सदस्य डॉ. तन्वी ने प्रतियोगिता परिणामों की जानकारी दी।
स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि में बायोटेक्नोलॉजी की संभावनाओं पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन, 45 शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोधपत्र

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