24 News Update उदयपुर। केंद्रीय बजट को देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ बताते हुए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने इसे “रिफॉर्म एक्सप्रेस” करार दिया है—एक ऐसी तेज़ रफ्तार ट्रेन, जो किसान, मजदूर, महिला, युवा, मध्यम वर्ग, निर्यातक और एमएसएमई उद्यमियों सभी को एक साथ आगे ले जाने का माद्दा रखती है।
डॉ. रावत ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश में चल रहे सुधारों को गति देने वाला रोडमैप है। “यह ट्रेन किसी एक डिब्बे की नहीं है—इसमें गांव भी है, शहर भी; खेत भी है, फैक्ट्री भी और स्टार्ट-अप भी,” उन्होंने कहा।
महिला सशक्तिकरण और पर्यटन को नई उड़ान
सांसद ने बजट की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि राजीविका से जुड़ी ‘लखपति दीदी’ योजना को और आगे बढ़ाने के लिए नई घोषणाएं महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती देंगी। वहीं पर्यटन स्थलों के विकास, 10 हजार टूर गाइड तैयार करने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल से रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
मध्यम वर्ग और छात्रों को राहत
डॉ. रावत ने विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए टीसीएस दर को घटाकर 2 प्रतिशत करने को मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत बताया। साथ ही एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन को इस बात का संकेत बताया कि सरकार शिक्षा को अब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार और उद्यमिता से जोड़कर देख रही है।
स्वास्थ्य, उद्योग और बुजुर्गों पर फोकस
उन्होंने कहा कि कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने का फैसला गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सीधी राहत है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के प्रावधान सम्मानजनक जीवन की दिशा में बड़ा कदम हैं।
वहीं व्यापारियों, लघु एवं बड़े उद्योगों के लिए निवेश प्रोत्साहन और व्यापार सुगमता से जुड़े निर्णय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देंगे।
‘सबका साथ’ का बजट
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को ज़मीन पर उतारने वाला है। “यह केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि एक सशक्त, समृद्ध और समावेशी भारत का रोडमैप है, जो देश को ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में आगे ले जाएगा,” उन्होंने कहा।

