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राजस्थान की जेल है तो मुमकिन है : अबकी बार, डिप्टी-सीएम को धमकी देने वाले जयपुर जेल से पकड़े, कहीं जेल में ही तो नहीं चल रहा अपराधियों का कारोबार???? क्या फिर बच जाएंगे मिलीभगत करने वाले अफसर

24 न्यूज अपडेट, Jaipurआमजन में भय है कि आखिर कैसे जेल में फोन जा रहे हैं। लोग जेल में जा रहे हैं अपराध करके वो तो समझ आ रहा है लेकिन अपराधियों की मदद करने के लिए फोन को कौन जेल भेज रहा है, क्या अफसर मिले हुए हैं? क्या अपराधी इतने पावरफुल हो गए हैं कि जेल के कार्मिकों व राजस्थान की कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाना उनके दाएं हाथ का खेल है। चक्कर कुछ बडा है राज कुछ गहरा है। कोई तो है जो सिस्टम से खेल रहा है, अंदर तक मिला हुआ है। वरना सीएम को जेल से धमकी मिलते ही पूरा सिस्टम ही सुधर जाना चाहिए था। चुन-चुन कर शातिर अपराधियों व उनसे मिले हुए जेल कार्मिकों पर गाज गिरनी थी मगर नहीं गिरी तो अबकी बार डिप्टी सीएम को जेल से धमकी मिल गई। ये आगे भी मिलती रहेगी व इससे सबसे बड़ा नुकसान ये होगा कि राजस्थान की साख पूरे देश में गिर जाएगी। मोटी तनख्वाह वाले अफसर आखिर कर क्या रहे हैं? एग्जाम में मासूम बच्चों के शर्ट की बाहें काटने वाले और महिलाओं के मंगलसूत्र व जनेउ उतारने वाले वास्तव में क्या इतने कमजोर हो गए हैं कि उनसे जेल का परिसर संभाले नहीं संभल रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं है कि सारे अपराधों की जड़ ये जेल ही हैं जहां से मोबाइल पर सारे कारोबार चल रहे हैं यदि हैं तो मामला गंभीर है।
डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा को बुधवार शाम जान से मारने की धमकी देने वाले युवक समेत तीन को पुलिस ने जयपुर सेंट्रल जेल से पकड़ लिया है। आरोपी से मोबाइल फोन मिला। इसी से पुलिस कंट्रोल को धमकी दी गई थी। लालकोठी थाना पुलिस मामले में जांच शुरू कर दी है। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- कल शाम को एक कॉल पुलिस कंट्रोल रूम में आई थी। फोन करने वाले ने डिप्टी सीएम को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद फोन की लोकेशन निकाली गई। लोकेशन जेल की आई। इस पर पुलिस टीम को जेल भेजा गया। जेल में देर रात तक सर्च किया गया। आज सुबह फिर से सर्च शुरू हुआ। आज तीन युवकों को डिटेन किया गया है। इन के पास से मोबाइल रिकवर हुआ है। यह वही मोबाइल फोन है, जिससे धमकी दी गई थी। डीजीपी बोले- जेल में मोबाइल जाना और मिलना सतत प्रक्रिया का हिस्सा है। जेल में मोबाइल चला जाता है। हम लोग उसे ढूंढते हैं। कई बार मुकदमे दर्ज होते हैं, बदमाश बंद होते हैं। जेलों में मोबाइल मिलने के पीछे बड़ा कारण अंदर से लोगों का मिला होना है। तभी मोबाइल जेल के अंदर जा रहे हैं। अगर ऐसा है तो कौन सस्पेंड हुआ। तत्काल क्या कार्रवाई हुई। होगी भी या नहीं, यह नहीं बताया गया है। इससे पहले, 21 फरवरी की रात को सीएम भजनलाल शर्मा को दौसा जेल से जान से मारने की धमकी मिली थी। पॉक्सो के मामले में जेल में बंद आरोपी ने 12 बजकर 45 मिनट से लेकर 12 बजकर 55 मिनट के बीच 10 मिनट में दो कॉल किए थे। आरोपी ने श्यालवास स्थित सेंट्रल जेल से जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया था। श्यालावास जेल से 27 जुलाई 2024 को भी जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल कर मुख्यमंत्री भजनलाल को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद जयपुर पुलिस की स्पेशल टीम ने जेल में सर्च अभियान चलाकर मोबाइल जब्त किए थे। वहीं मुख्यमंत्री को धमकी देने वाले कैदी के खिलाफ पापड़दा थाने में मामला दर्ज किया था। जेल में सिम पहुंचने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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