उदयपुर। श्रमण भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के तहत शहर में आयोजित जैन डांडिया महोत्सव में सैकड़ों महिलाओं ने एक साथ जैन गरबा प्रस्तुत कर इतिहास रच दिया। जिन शासन की देवियों और तीर्थंकरों की माताओं को समर्पित इस आयोजन में भक्ति, परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
महावीर जैन परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने समूहों में गरबा और डांडिया प्रस्तुतियां दीं। एक साथ डांडियों की खनक और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। युवाओं के साथ बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए।
मुख्य संयोजक राजकुमार फत्तावत ने बताया कि भारतीय जैन संघटना और जैन जागृति सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में समाज के सभी वर्गों—बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों—की सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का एक जैसी वेशभूषा में सामूहिक गरबा करना मेवाड़ के लिए ऐतिहासिक पल है, जो संस्कृति और संस्कारों को सशक्त बनाता है।
भारतीय जैन संघटना अध्यक्ष दीपक सिंघवी और जैन जागृति सेंटर अध्यक्ष अरुण मेहता ने बताया कि आयोजन में प्रायोजक अनिल जारोली, शुभम जारोली और अतिथि प्रीति शाह का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। लेडीज विंग अध्यक्षा मीना कावड़िया और नीता छाजेड़ ने बताया कि महिलाओं ने भगवान महावीर के जन्मोत्सव पर आधारित भक्ति गीतों पर आकर्षक गरबा प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में 1008 महिलाओं को विभिन्न तीर्थंकरों के नाम से समूहों में विभाजित कर दो चरणों में प्रतियोगिता आयोजित की गई। निर्णायक पुष्पा पटेल और कल्पना जोशी के निर्णय अनुसार विजेता समूहों को 15 हजार, 11 हजार और 7 हजार रुपए के पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर भूपेन्द्र गजावत, नितिन लोढ़ा, कुलदीप नाहर, यशवंत आंचलिया, नरेन्द्र सिंघवी, अशोक कोठारी, विजयलक्ष्मी गलुण्डिया, सोनल सिंघवी, प्रिया झगड़ावत सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे।
आज होगी राजस्थानी नृत्य प्रतियोगिता
आयोजन श्रृंखला के तहत गुरुवार को शुभ केसर गार्डन में विभिन्न महिला संगठनों की राजस्थानी नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

