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निम्बाहेडा में रंग तेरस पर रंगों की होली खेली गैर निकाली’

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24 News Update निम्बाहेड़ा (कविता पारख)। नगर में रंग तेरस पर रंगों का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर के विभिन्न मोहल्लों में रंग तेरस व रंगोत्सव आस्था परंपरा और उल्लास का संगम निम्बाहेडा क्षेत्र में रंग तेरस और रंगोत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास और अनूठे उत्साह के साथ मनाया गया। रंग तेरस पर पूरा नगर सतरंगी रंगों में सराबोर नजर आया। ढोल की थाप ,गुलाल की औछार और पारंपरिक गैर नृत्य ने उत्सव को यादगार बना दिया। सुबह से ही उत्साह चरम पर पहुंच गया । नगर के विभिन्न मौहल्लों से युवाओं की टोलियां एकत्रित होकर डीजे और ढोल की गूंज के साथ भव्य ग्ेर जुलूस के रूप् में निकली। हाथों में गुलाल लिए युवा ,बच्चें और गुजुर्ग नगर की गलियों और बाजारों को रंगो से सराबोर करते हुए आगे बढे। विभिन्न स्थाना पर जुलूस का जोरदार स्वागत किया गया। लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी मोहल्लों में रंगों की बरसात हुई मोती बाजार, नया बाजार , बडा होलीथडा , अटल नगर व पूरानी हाउसींग बोर्ड कॉलोनी , आदर्ष कॉलोनी, आरके कॉलोनी, नवांब गंज, माहेश्वरी मोहल्ले, सराफा बाजार , आदि मोहल्लों में सभी ने एक दुसरे को गुलाल लगाकर मिलजुल कर रंगों का त्यौहार मनाया सभी भाई-बहनों, बालक-बालिकाओं ने रंग-गुलाल से तिलक लगाकर डीजे की धुन पर भगवान के भजन कीर्तन पर नाचते-गाते हुए इस त्यौहार को मनाया।
पु्रलिस थानाधिकारी सहित चोकी प्रभारी और कांस्टेबल की विभिन्न मोहल्लों सहित प्रमुख खैराहा पर तैनान दिखाई दिए गए मौजूदगी में शांति पूर्ण तरीके से रंग तेरस नगर के लोगो द्वारा खेली गई । रंग तेरस का त्यौहार गांव में बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

निंबाहेड़ा में रंगतेरस पर सकल जैन समाज की ढूंढ परंपरा उत्साहपूर्वक संपन्न
निंबाहेड़ा। रंगतेरस के पावन अवसर पर निंबाहेड़ा में सकल जैन समाज द्वारा पारंपरिक ढूंढ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के पंचों की गरिमामयी उपस्थिति में विभिन्न वर्गों के समाजजन एकत्रित हुए और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के तहत नगर के मध्य स्थित जैन
मंदिर के बाहर बने चबूतरों पर समाजजन एकत्रित हुए। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने वाले विषयों पर चर्चा की गई। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरा वातावरण उल्लास और उत्साह से सराबोर रहा। ढूंढ कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित समाजजनों के लिए गोतम कुमार, शौर्य कुमार सिंघवी परिवार एवं यशवंत धाकड़ द्वारा अल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर समाज के पंचों द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का “जय जिनेंद्र” कहकर अभिनंदन किया गया। इस आयोजन ने समाज की एकता, परंपरा और भाईचारे की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

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