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उपराष्ट्रपति भवन में कल 10 अप्रैल को सिंधी भाषा में संविधान का ऐतिहासिक विमोचन, उदयपुर से शामिल होंगे 5 प्रतिनिधि

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24 News Update उदयपुर। सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर 10 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में भारतीय संविधान के सिंधी भाषा संस्करण का ऐतिहासिक विमोचन किया जाएगा, जिसमें उदयपुर से उदयपुर सिन्धी सेंट्रल युवा संगठन के अध्यक्ष विजय आहूजा, महासचिव मुकेश खिलवानी, उपाध्यक्ष कमल पाहुजा, अशोक लिंजरा के साथ ही राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी भी अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस प्रकार पांच जनों का दल विशेष रूप से शामिल होकर इस राष्ट्रीय आयोजन का साक्षी बनेगा। इसके साथ ही जयपुर सहित राजस्थान के अन्य जिलों से भी सिंधी समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में आयोजित होगा, जहां उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन द्वारा संविधान के सिंधी संस्करण का औपचारिक विमोचन किया जाएगा। यह संस्करण देवनागरी और फारसी लिपियों में तैयार किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग, राजभाषा खंड की प्रादेशिक इकाई द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुनराम मेघवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिन्होंने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को विशेष आमंत्रण भेजा है।
मंत्रालय की यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य संविधान को देश के नागरिकों तक उनकी मातृभाषा में पहुंचाना है। इसी क्रम में सिंधी भाषा में संविधान का प्रकाशन एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस पहल को सिंधी समाज के लिए ऐतिहासिक बताते हुए समाजजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। उदयपुर के प्रतिनिधियों के चयन को लेकर सिंधी समाज में हर्ष का माहौल है और इसे भाषा, संस्कृति और संवैधानिक पहचान के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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