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सिन्धी भाषा दिवस पर झलकी विरासत, संत कंवर राम जयंती पर गूंजे भजन

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24 News Update उदयपुर। शक्तिनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर में रविवार को भारतीय सिन्धु सभा के तत्वावधान में सिन्धी भाषा दिवस और संत कंवर राम जयंती महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संस्कृति, भाषा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभा अध्यक्ष गुरमुख कस्तूरी और महामंत्री विजय आहुजा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल, भारत माता और संत कंवर राम के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद सिन्धी गीतों, लाढा भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में रमा खियाणी, रूपाली मोटवानी और मांसी ईसरानी सहित 25 प्रतिभागियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, वहीं छोटे बच्चों के सांस्कृतिक नृत्य विशेष आकर्षण रहे। प्रदेश संरक्षक सुरेश कटारिया और संभाग प्रभारी प्रकाश फुलानी ने बताया कि 5 वर्षीय लावण्य मूलचंदानी ने सभी को मातृभाषा सिन्धी में संवाद करने की शपथ दिलाकर खूब तालियां बटोरीं। इस अवसर पर संत वासूराम दरबार के संत साधूराम और दीपक रंगवानी सहित कई अतिथियों का सम्मान किया गया। वहीं प्रताप राय चुग ने अपने उद्बोधन में मातृभाषा के संरक्षण पर जोर दिया। डॉ. मनोहर कालरा ने बताया कि 10 अप्रैल 1967 को सिन्धी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान मिला था, जिसकी स्मृति में यह आयोजन किया जाता है। उन्होंने संत कंवर राम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके भक्ति और समाज सेवा के योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और प्रतिभागियों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। संचालन मीनल पुरुस्वानी ने किया।

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