उदयपुर। शहर में लंबे समय से फरार चल रहे स्थाई वारंटियों और जघन्य अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हाथीपोल थाना पुलिस ने एक साथ दो अहम मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2014 और 2019 के मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को मध्यप्रदेश और प्रतापगढ़ क्षेत्र में लगातार तलाश, निगरानी और दबिश की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, वृत्ताधिकारी राजेश यादव के निर्देशन एवं थानाधिकारी श्रीमती राजु देवी के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड वर्क के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, पहले मामले में आरोपी राजू खां (उम्र 37 वर्ष) पुत्र रहमत खां, निवासी सादल खेड़ा, थाना निकुंभ, जिला चित्तौड़गढ़, के खिलाफ हाथीपोल थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 258/2001 में धारा 379, 411 और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज था। आरोपी लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था, जिस पर अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1, उदयपुर शहर (दक्षिण) द्वारा स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। पुलिस ने तकनीकी सहायता से उसकी लोकेशन ट्रेस की और मध्यप्रदेश क्षेत्र में दबिश दी। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी खेतों की ओर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने रात के अंधेरे में बहादुरी के साथ उसका पीछा कर घेराबंदी कर दबोच लिया। इस दौरान वह गिर भी पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू में कर लिया।
वहीं दूसरे मामले में आरोपी मदनलाल सेन (उम्र 25 वर्ष) पुत्र मोडीलाल सेन, निवासी गुडली, छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़, के खिलाफ एफआईआर संख्या 172/2019, थाना हाथीपोल में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज था। आरोपी करीब छह वर्षों से फरार चल रहा था और न्यायालय में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ भी स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उसके गांव में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
इनकी रही खास भूमिका
पूरे ऑपरेशन में एएसआई शंभुसिंह, एएसआई मोहम्मद अतहर और कांस्टेबल कैलाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस टीम ने समन्वय बनाकर सतत प्रयास किए, जिसके बाद यह सफलता हाथ लगी।
गिरफ्तार पर विधिवत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने स्पष्ट किया है कि फरार वारंटियों और जघन्य अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

