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मुस्कान वात्सल्यधाम में राष्ट्रसंत आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ससंघ का भव्य स्वागत, भरत नागदा को मिली “वात्सल्य मयी” “वात्सल्य श्री” की उपाधि

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24 News Update डूंगरपुर — मुस्कान संस्थान के सेवा ग्राम मुस्कान वात्सल्यधाम में आज राष्ट्रसंत आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ससंघ का भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ आचार्य अंकलिकर परंपरा के अन्य मुनिराज भी उपस्थित रहे।

प्रातः 7 बजे थाणा से विहार करते हुए जब आचार्य श्री बलवाड़ा स्थित संस्थान पहुँचे, तो बालक-बालिकाओं, वृद्धजनों, महिलाओं व मानसिक रूप से विशेष बच्चों ने पुष्पवर्षा, ढोल-नगाड़ों व जयकारों के साथ उनका स्वागत किया।

संस्थान निदेशक अविनाश जैन ने जानकारी दी कि आचार्य श्री ने संस्थान में निवास कर रहे 700 से अधिक निराश्रितों की सेवा व्यवस्था को देखकर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। संस्थान सचिव भरत नागदा ने उन्हें मुस्कान द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी।

आचार्य श्री के आशीर्वचनों में उन्होंने कहा:

उन्होंने संस्थान की तुलना साध्वी ऋतंभरा जी के वात्सल्यग्राम से की और कहा कि:

इस अवसर पर भरत नागदा जी को “वात्सल्य मयी” ‘वात्सल्य श्री’ की उपाधि देकर सम्मानित किया गया। आचार्य श्री ने कहा:

उन्होंने यह भी कहा कि “मंदिर निर्माण या धार्मिक अनुष्ठानों से कहीं अधिक पुण्य परसेवा में है।”

इस भव्य अवसर पर उपस्थित रहे:
जयदीप जैन, विनायक अग्रवाल, भरत भट्ट, जयेश जोशी, सुशील पंड्या, शुभम आचार्य, शीला रोत, इन्द्रावती व कविता पंसोलिया, किरण अहारी, जयश्री भट्ट, निकेश कटारा, राजेंद्र सिंह, हेमराज डेण्डोर, प्रशांत सिंह, विकेश, गीता, अरविंद जैन, मुकेश पटेल, निशा, प्रियांशी, शिवानी, विनोद, दीपक हरीजन व अन्य सेवा सहयोगी।

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