तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में डिजिटल शिक्षा के साथ नेतृत्व, समस्या समाधान और आलोचनात्मक सोच पर दिया जोर उदयपुर, 23 अगस्त। जनजातीय क्षेत्र की बालिकाओं को तकनीक से जोड़ने और उनमें डिजिटल आत्मविश्वास विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे डिजिटल सहेली कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय प्रथम आवासीय प्रशिक्षण रविवार को संपन्न हुआ। इसमें जिले के पांच ब्लॉकों के जनजातीय क्षेत्र विकास विभाग द्वारा संचालित 12 बालिका आश्रम छात्रावासों की 48 छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण 21 से 23 अगस्त तक संचार सेतु, माणिक्य लाल वर्मा जनजातीय शोध संस्थान में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण संचार सेतु के वार्षिक कैलेंडर में पहले से संचालित ऑनलाइन प्रशिक्षण गतिविधियों को सहयोग देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। डिजिटल सहेली कार्यक्रम जनजातीय क्षेत्र विकास विभाग (टीएडी), राजस्थान सरकार, राइज अप टुगेदर, कोटड़ा आदिवासी संस्थान और उजाला फाउंडेशन की संयुक्त पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिका आश्रम छात्रावासों में अध्ययनरत छात्राओं के बीच डिजिटल विभाजन को कम करना तथा चयनित छात्राओं में डिजिटल कौशल, आत्मविश्वास और सहपाठी आधारित सीखने की क्षमता विकसित करना है। कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं को ‘डिजिटल सहेली’ की भूमिका दी जाएगी। ये छात्राएं अपने-अपने आश्रम छात्रावासों में अन्य छात्राओं के लिए सहपाठी शिक्षिका के रूप में काम करेंगी। वे साथी छात्राओं को डिजिटल सीखने के अवसरों से जोड़ने के साथ तकनीक के इस्तेमाल को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में सहयोग करेंगी। नियमित डिजिटल कौशल प्रशिक्षण के बाद डिजिटल सहेलियों द्वारा अपने छात्रावासों में सहपाठी आधारित सीखने के सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का संचालन जयपुर स्थित शाह ब्रीह फाउंडेशन की लीड ट्रेनर विद्या ने किया। उनके साथ उदयपुर के विद्यालय उद्यम एसोसिएशन की मास्टर ट्रेनर शालिनी और लक्ष्यराज भी प्रशिक्षण में शामिल रहे। प्रशिक्षण में तकनीकी डिजिटल दक्षता के अलावा छात्राओं की समस्या समझने, आलोचनात्मक सोच विकसित करने, समस्या समाधान करने और साथियों की मदद करने जैसी क्षमताओं को विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। राइज अप लीडर एवं विकल्प संस्थान से जुड़ी सविता ने समस्या वृक्ष विश्लेषण पर विशेष सत्र लिया। इसमें छात्राओं को किसी समस्या के मूल कारणों की पहचान करने और संभावित समाधानों पर तार्किक एवं व्यवस्थित ढंग से विचार करने की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण के दूसरे दिन 22 अगस्त को सभी 48 डिजिटल सहेलियों ने आईआईएम उदयपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया। छात्राओं को डिजिटल प्रबंधन सहित इससे जुड़े क्षेत्रों में उपलब्ध विभिन्न करियर अवसरों की जानकारी दी गई और उन्हें इन क्षेत्रों का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का अवसर मिला। कार्यक्रम में शैक्षणिक भ्रमण और अनुभव आधारित सीखने को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसके जरिए छात्राओं को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर उच्च शिक्षा, करियर और सीखने के विभिन्न अवसरों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के अंतिम दिन 23 अगस्त को डिजिटल सहेलियों ने गूगल डॉक पर अपने नामों की सूची तैयार की। प्रशिक्षकों की मदद से प्रशिक्षण से संबंधित तस्वीरें भी आयोजकों के ईमेल पते पर भेजीं। उजाला फाउंडेशन के रवि ने बताया कि कार्यक्रम के संचालन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई संस्थाओं एवं लोगों का सहयोग मिल रहा है। प्रशिक्षण के लिए डिजिटल सहेलियों को उपलब्ध कराए गए लैपटॉप वर्ष 2025 में न्यूयॉर्क स्थित सोशल कैपिटल इनिशिएटिव (पूर्व में एशिया इनिशिएटिव्स) की ओर से प्रदान किए गए थे। कार्यक्रम में 48 डिजिटल सहेलियों के साथ चार आश्रम छात्रावास कोच, डॉ. अमृता, कोटड़ा आदिवासी संस्थान से गौरव, रोनक, विनय, बाबूलाल, सरफराज, मोइन, मुकेश और प्रवीण, गूंज संस्थान से रवि एवं अर्जुन, कॉम्युनिटी संस्था से वरुण और राजेश, वाइल्ड टेल्स फाउंडेशन से सोहेल तथा सहयोगी संस्थान से याकूब उपस्थित रहे। उजाला फाउंडेशन की ओर से राइज अप लीडर रवि भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अगस्त 2026 में आयोजित यह प्रथम आवासीय प्रशिक्षण आगे होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला का पहला चरण है। सितंबर 2026, नवंबर 2026 और जनवरी 2027 में तीन और आवासीय प्रशिक्षण प्रस्तावित हैं। इस पूरी पहल को डिजिटल सहेलियों का पीयर-लर्निंग नेटवर्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कठोर तपस्या से प्रसन्न हुए महादेव, पार्वती बनीं अपर्णा तो डोल उठा इंद्र का सिंहासन नगर निकाय कर्मचारियों के अधिकारों पर मंथन, उदयपुर में फेडरेशन का संभागीय अधिवेशन