24 News Update उदयपुर। उदयपुर में रंग, राग और राजसी परंपराओं के प्रतीक विश्वप्रसिद्ध गणगौर मेवाड़ महोत्सव का कल से आगाज होगा व तीन दिन तक उत्सव की धूम रहेगी। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उपनिदेशक शिखा सक्सेना के अनुसार, शहर के प्रमुख घाटों, ऐतिहासिक स्थलों और आयोजन स्थलों को आकर्षक रूप से सजाया गया है—ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सिर्फ देखें नहीं, बल्कि मेवाड़ को महसूस करें।
गणगौर से शुरू होगा उत्सव, झीलों पर दिखेगा राजसी वैभव
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण पारंपरिक गणगौर शोभायात्रा रहेगी, जिसमें सजी-धजी महिलाएं ईसर-गौरा की प्रतिमाओं के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गणगौर घाट तक पहुंचेंगी। यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि मेवाड़ की आस्था, सौंदर्य और परंपरा का जीवंत प्रदर्शन है। शाम होते-होते पिछोला झील की लहरों पर शाही अंदाज में रॉयल बोट प्रोसेशन निकलेगा—जहां रोशनी, संगीत और पानी का संगम एक अलौकिक दृश्य रचेगा।
पहला दिन (21 मार्च): परंपरा और भव्यता का संगम
शाम 4:00 बजे: क्लॉक टॉवर से गणगौर घाट तक शोभायात्रा
6:00–7:00 बजे: बंसी घाट से गणगौर घाट तक रॉयल बोट प्रोसेशन
7:00 बजे से: लोक नृत्य, लोक संगीत और आतिशबाजी के साथ सांस्कृतिक संध्या
दूसरा दिन (22 मार्च): संस्कृति के साथ प्रतिस्पर्धा का रंग
शाम 7:00 बजे से: गणगौर घाट पर सांस्कृतिक संध्या
विशेष आकर्षण: राजस्थानी वेशभूषा में बेस्ट ड्रेस्ड विदेशी जोड़ी प्रतियोगिता
तीन दिन तक गांवों में भी सजेगा उत्सव का रंग
गोगुन्दा (40 किमी): 21–23 मार्च तक ग्रामीण गणगौर मेला और सांस्कृतिक संध्याएं
कांकरोली (56 किमी): बालकृष्ण स्टेडियम में शोभायात्रा और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां (शाम 4 बजे से)
नाथद्वारा (50 किमी): 23 मार्च को रसाला चौक से इमली बाजार तक गणगौर शोभायात्रा (शाम 5:30 बजे से)
घाटों पर जमेगी असली रौनक
गणगौर घाट इस पूरे महोत्सव का केंद्र रहेगा, जहां लगातार तीन दिनों तक लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक नृत्य और संगीत कार्यक्रम होंगे। हर प्रस्तुति में राजस्थान की मिट्टी की खुशबू और लोक जीवन की झलक दिखाई देगी।
व्यवस्थाएं चाक-चौबंद, सुरक्षा पर खास फोकस
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि पर्यटक और स्थानीय लोग बिना किसी परेशानी के इस महोत्सव का आनंद ले सकें।

