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अखाड़े की मिट्टी से वर्दी तक: पहलवान सोनिया ओड का सम्मान, ITBP में भर्ती पर गुरुओं को किया सलाम

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24 News Update उदयपुर। अखाड़े की मिट्टी से उठकर देश की वर्दी तक पहुंचने का सपना जब हकीकत बनता है, तो वह केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि पूरे गुरु-शिष्य परंपरा की जीत बन जाता है। ऐसा ही गर्व का क्षण उस समय देखने को मिला जब राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता पहलवान सोनिया ओड के इंडो-तिब्बती बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) में भर्ती होने पर लक्ष्मण पहलवान अर्जुन उस्ताद अखाड़े में उनका भव्य सम्मान किया गया।
जिला कुश्ती संघ और अखाड़े के उस्तादों ने सोनिया ओड का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सोनिया ने वर्दी में अखाड़े पहुंचते ही सबसे पहले अपने कोच डॉ. हरीश राजोरा को सैल्यूट किया। अखाड़े में मौजूद सभी पहलवानों और गुरुओं ने तालियों की गूंज के साथ इस उपलब्धि का स्वागत किया।
सोनिया ओड ने कहा कि अखाड़े की मिट्टी ने उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और संघर्ष की सीख दी है। यही संस्कार उन्हें राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक तक लेकर गए और इसी उपलब्धि के आधार पर उन्हें भारत सरकार के सुरक्षा बल आईटीबीपी में सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि देश की वर्दी पहनकर राष्ट्र सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव है।
समारोह में मुख्य अतिथि जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष पारस सिंघवी थे, जबकि अध्यक्षता राजस्थान कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष मांगीलाल कटारिया ने की। विशिष्ट अतिथियों में कुश्ती संघ के सचिव दीपक राजोरा, सोनिया की माता सीता देवी और भाई प्रकाश ओड सहित प्रहलाद चौहान, राजेंद्र भाटी और देवेंद्र साहू उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में धीरेंद्र सिंह सचान, यशवंत चौधरी, गौरीशंकर वशिष्ठ, महेंद्र राजोरा, धर्मेंद्र राजोरा, प्रकाश राजोरा, अजय मोदी, नरेशपाल सिंह, यशवंत राजोरा, रवि चौहान, देवीलाल रावत, शारीरिक शिक्षक नारायण शर्मा, अहद अहमद, हर्ष ओड, मानसी बागड़ी, विजय ओड, मुकेश ओड, भगवती ओड, मांगीलाल ओड, जितेंद्र ओड, जगदीश ओड, प्रताप सिंह और राहुल निमावत सहित अनेक खेल प्रेमी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश राजोरा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महेंद्र राजोरा ने दिया।

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