कविता पारख 24 News Update निंबाहेड़ा । राजस्थान सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने श्री शेषावतार कल्लाजी मंदिर पहुंचकर श्री कल्लाजी के दर्शन कर क्षेत्र में सुख,शांति,समृद्धि,उन्नति और खुशहाली की प्रार्थना की।पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ एवं शोध संस्थान एवं श्री कल्लाजी मंदिर मण्डल न्यास निंबाहेड़ा द्वारा दिनांक 11 जून से 19 जून तक आयोजित 20 विंशतितम कल्याण महाकुंभ महोत्सव अवसर पर छठे दिन की सांय कालीन होने वाली विशेष महाआरती और पूजा में शामिल हुए और धर्म लाभ प्राप्त किया। यहां ठाकुर जी के मंदिर परिसर में दिनांक 13 जून से 19 जून तक आयोजित श्री राम कथा वाचक परम पूज्य दीदी मां मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी रामायण धाम आश्रम अयोध्या के मुख से सप्त दिवस तक की जा रही श्री राम कथा का भी पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने श्रवण लाभ प्राप्त किया।पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कथा स्थल पहुंचकर व्यास पीठ पर विराजित कथा वाचक मर्मज्ञा मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी से आशीर्वाद लिया तथा इस अवसर पर परम पूज्य दीदी मां मंदाकिनी श्री रामकिंकर जी ने पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना को उपर्णना ओढ़ाकर एवं तुलसी माला पहनाकर अभिनंदन किया। पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने श्री शेषावतार कल्लाजी से क्षेत्र में सुख,शांति,समृद्धि, उन्नति और खुशहाली की प्रार्थना की। इस अवसर पर निंबाहेड़ा नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बंशीलाल राईवाल,क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान गोपाललाल आंजना,पूर्व विधान सभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष एवं निवर्तमान पालिका पार्षद रवि प्रकाश सोनी,इत्यादि सहित बड़ी संख्या में ठाकुर जी के भक्तगण,गणमान्यजन एवं क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से आये श्रद्धालुगण उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विधायक कृपलानी ने किया मोक्ष धाम का निरीक्षण,विभिन्न विकास एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए नगर परिषद अधिकारी को दिए निर्देश ठाकुरजी के श्रीनाथ स्वरूप ने वेदपीठ को श्रीनाथ जी की नगरी निरूपित किया