24 News Update उदयपुर—सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। भारतवर्षीय 18 हजार दशाहुमड़ दिगंबर जैन समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश खोड़निया के खिलाफ कथित रूप से झूठी व भ्रामक खबरें प्रकाशित कर बदनाम करने के मामले ने उदयपुर संभाग में गंभीर रूप ले लिया है। पेपर लीक प्रकरण से जुड़े ढाई वर्ष पुराने बयानों को वर्तमान घटनाक्रम से जोड़कर प्रसारित किए जाने के आरोप में दो प्रिंट मीडिया पत्रकारों (पत्रिका नहीं) और एक टीवी एंकर के खिलाफ उदयपुर संभाग के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए रिपोर्टें दी गई हैं।
मामले को लेकर समूचे संभाग के जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से पुराने, निष्प्रभावी और न्यायिक रूप से निस्तारित मामलों को उछालकर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट में राजेन्द्र गौतम, संजीव शर्मा (जयपुर) एवं शरद कुमार के खिलाफ आपराधिक मानहानि, षड्यंत्र और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बांसवाड़ा जिले के घाटोल, गढ़ी, अरथूना, सागवाड़ा, सरोदा एवं निठाउवा सहित कई थानों में भी तीनों के खिलाफ रिपोर्टें दर्ज कराई गई हैं।
जैन समाज व युवा संगठनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
बांसवाड़ा जैन युवा महासभा सहित विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों ने अरथूना, बांसवाड़ा, बड़ोदिया, घाटोल, सरोदा, दोवड़ा और सागवाड़ा थानों में ज्ञापन व रिपोर्ट सौंपकर आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जैन समाज का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
अंबामाता थाने में स्वयं खोड़निया ने दर्ज कराया मुकदमा
मामले में अहम मोड़ तब आया जब दिनेश खोड़निया ने स्वयं उदयपुर के अंबामाता थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों और टीवी एंकर ने ढाई साल पुराने बयानों को वर्तमान का बताकर प्रकाशित किया, जबकि संबंधित मामले में सिविल कोर्ट में बयान झूठा सिद्ध हो चुका है। इसके बावजूद बार-बार खबरें प्रकाशित कर ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
जांच एजेंसियों से पहले ही मिल चुकी है क्लीन चिट
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एवं संबंधित पीएमएलए न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा जांच के बाद दिनेश खोड़निया को पूर्णतः निर्दोष मानते हुए क्लीन चिट दी जा चुकी है। न्यायालय के आदेशानुसार निवास से जब्त राशि भी लौटाई जा चुकी है और प्रकरण का विधिवत निस्तारण हो चुका है। इसके बावजूद तथ्यों की पूरी जानकारी होते हुए भी खबरें प्रकाशित किए जाने को दुर्भावनापूर्ण बताया गया है।

