24 News Update उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शनिवार को स्वयंसेवकों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन और आग से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्नेहा सिंह एवं डॉ. कल्पेश निकावत ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए सेवानिवृत्त केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के इंस्पेक्टर के. एस. शक्तावत तथा हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के पूर्व अग्नि सुरक्षा अधिकारी को आमंत्रित किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आग से बचाव और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान शक्तावत ने ‘अग्नि त्रिकोण’ की अवधारणा समझाते हुए बताया कि आग लगने के लिए तीन तत्व—ईंधन, ऊष्मा और ऑक्सीजन—आवश्यक होते हैं। यदि इनमें से किसी एक तत्व को हटा दिया जाए तो आग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न प्रकार की आग (क्लास A, B, C आदि) तथा उन पर उपयोग किए जाने वाले अग्निशामक यंत्रों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के दौरान लाइव डेमो के माध्यम से अग्निशामक यंत्र चलाने की विधि प्रदर्शित की गई। स्वयंसेवकों को व्यावहारिक रूप से उपकरणों का उपयोग करने का अवसर भी दिया गया, जिससे उनमें आपदा की स्थिति में सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास विकसित हुआ। विशेषज्ञों ने गैस सिलेंडर, विद्युत उपकरणों और रासायनिक पदार्थों से लगने वाली आग की रोकथाम के उपाय भी बताए।

